मनपा चुनाव से पहले 45949 करोड़ रुपये का बजट पेश, स्वास्थ्य के लिए 6934 करोड़ रुपये का आवंटन, तटीय सड़क परियोजना के लिए 3200 करोड़ रुपये बांटे, 30743 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद
प्रहरी संवाददाता, मुंबई। बृहनमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 45,949.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। मनपा चुनाव से पहले पेश किए गए इस बजट में स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और शिक्षा पर जोर दिया गया है। बजट में 3370 करोड़ रुपये शिक्षा, 3200 करोड़ रुपये तटीय सड़क परियोजना और 6,933.75 करोड़ रुपये स्वास्थ्य क्षेत्र को आवंटित किए गए हैं। बीएमसी प्रशासन ने छोटे फ्लैट मालिकों को संपत्ति कर के मोर्चे पर बड़ी राहत दी है।
कर का नया बोझ नहीं
देश के सबसे अमीर महानगर पालिका में शामिल मुंबई मनपा में शिवसेना की सत्ता है। पिछले चुनाव में भाजपा-शिवसेना का गठबंधन था, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ शिवसेना के रिश्ते खराब हो गए। जल्द ही चुनाव घोषित होंगे।
इससे पहले पेश किए गए बजट में मुंबईकरों पर नए करों का बोझ नहीं डाला गया। वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 17.70 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2021-22 में मनपा ने 39,038.83 करोड़ रुपये का बजट बनाया था।
बुनियादी ढांचे और शिक्षा पर जोर
मुंबई मनपा के आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने बीएमसी मुख्यालय में स्थायी समिति की बैठक में यह बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि बजट में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और शिक्षा पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, बजट में 500 वर्ग मीटर तक के ‘कार्पेट’ क्षेत्र के छोटे फ्लैटों के लिए संपत्ति कर में 100 प्रतिशत राहत की घोषणा की गई है।
टैक्स से आमदनी बढ़ाने की कोशिश
मनपा आयुक्त ने कहा कि करीब 16,14,000 नागरिकों को 100 प्रतिशत संपत्ति कर की छूट का लाभ मिलेगा। बजट में टैक्स से आमदनी से 777.19 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। महानगर पालिका की प्रॉपर्टी सेल से 6.38 करोड़ की रेंटल इनकम की उम्मीद जताई गई है। बीएमसी ने इस बार कुल 2870 करोड़ टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा है।
30743 करोड़ का मिलेगा राजस्व
आयुक्त चहल ने स्थायी समिति में साल 2022-23 का अनुमानित बजट पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2022-23 में विभिन्न सोर्स से प्रशासन को 30,743.61 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। यह वित्त वर्ष 2021-22 की तुलना में 2,932.04 करोड़ रुपये अधिक है।
पिछले साल 27,811.57 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होने का बजटीय अनुमान था। इसे बाद में बढ़ाकर 37,538.41 करोड़ रुपये कर दिया गया था। जनवरी 2022 के आखिर तक कुल 30,851.18 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई थी।
बेस्ट को सिर्फ 800 करोड़ रुपये
आर्थिक घाटे से जूझ रही बेस्ट परिवहन की मदद के लिए बजट में 6,650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हालांकि, बेस्ट को वास्तव में इस साल के बजट से केवल 800 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए हैं।
