ताज़ा खबर
OtherTop 10क्राइमताज़ा खबरभारतराज्य

26/11 का मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा भारत लाया गया: पीड़ितों में जागी न्याय की उम्मीद

Share

पीड़ितों में फिर जगी न्याय की उम्मीद, देशभर में उठी ‘फांसी दो’ की मांग

नई दिल्ली/मुंबई | 10 अप्रैल 2025 |

रिपोर्ट: समाचार प्रहरी ब्यूरो

मुंबई पर 2008 में हुए भीषण 26/11 आतंकी हमले के अहम साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। 16 साल बाद एक बार फिर पीड़ितों और उनके परिजनों में न्याय की आस जगी है।

166 लोगों की जान लेने वाले हमले की यादें ताज़ा

2008 में लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने मुंबई को 60 घंटे तक दहशत में डाले रखा था। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे। प्रमुख स्थानों में ताज होटल, ओबेरॉय, नरीमन हाउस और CST स्टेशन शामिल थे।

एनआईए के कब्जे में है तहव्वुर राणा

अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद राणा को दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय लाया गया, जहां उससे सघन पूछताछ की जा रही है। एनआईए सूत्रों के अनुसार, आगे उसे मुंबई ले जाकर घटनास्थलों से जुड़े तथ्यों का सामना कराया जाएगा।

राणा पर लगे अंतरराष्ट्रीय आरोप

2009 में राणा को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। उसने डेविड हेडली के साथ मिलकर भारत में आतंकी गतिविधियों की साजिश रची थी।

क्या अब मिलेगा न्याय?

भारत में अब तहव्वुर राणा पर 26/11 के तहत विस्तृत मुकदमा चलाया जाएगा।
संभावित कानूनी धाराएं: UAPA, IPC की धारा 302, 121A, 120B आदि।

एनआईए के अनुसार, पहले की चार्जशीट में राणा को वांछित आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया था, लेकिन अब सबूतों के आधार पर उसकी भूमिका गहराई से उजागर की जा रही है। राणा का प्रत्यर्पण न सिर्फ एक न्यायिक उपलब्धि है, बल्कि यह देश के उन जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश भी है, जो 2008 से अब तक सूखे नहीं।

 

26/11 हमले के प्रमुख आंकड़े

तारीख: 26 नवंबर 2008
हमले की अवधि: 60 घंटे
मृतक: 166
घायल: 300+
बचाए गए लोग: 900+

आतंकी संगठन: लश्कर-ए-तैयबा

Share

Related posts

सीरिया: अरब गैस पाइपलाइन में धमाके से पूरे देश में ब्लैकआउट, आतंकी हमले की आशंका

samacharprahari

गुजरात में पकड़ा गया 1400 करोड़ कीमत का ड्रग्स

Prem Chand

बाबरी विध्वंस केसः सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 30 सितंबर तक फैसला सुनाए सीबीआई कोर्ट

samacharprahari

बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ ठाणे में दर्ज हुआ केस

Prem Chand

कोविड-19 के पहले टीके के मानव परीक्षण करने की अनुमति

samacharprahari

यात्री सुविधा समिति सदस्य की भी नहीं सुनता रेल प्रशासन, शिकायतों की अनदेखी

Prem Chand