✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, श्रीनगर | जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले की एक सत्र अदालत ने एक पाकिस्तानी आतंकवादी को 2016 में सुरक्षा बलों पर हुए हमले में शामिल होने के जुर्म में 10 साल के कठोर कारावास की बुधवार को सजा सुनाई।
अदालत ने दोषी को कम कठोर सजा देने के कदम को उचित ठहराते हुए कहा कि ऐसा उसके “स्वैच्छिक एवं स्पष्ट” इकबालिया बयान और हमले में गश्ती दल के सदस्यों को किसी भी प्रकार की चोट न पहुंचने की बात को ध्यान में रखते हुए किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनजीत सिंह मनहास ने हंजल्लाह यासीन राई उर्फ अबू उकासा को हत्या के प्रयास के आरोप में 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
पाकिस्तान के बहावलपुर के रहने वाले उकासा को शस्त्र अधिनियम की धारा 7/25 के तहत 10 साल के कठोर कारावास और विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। आदेश में कहा गया है कि दोषी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि से घटा दिया जाएगा।
उकासा 20 जून 2016 से हिरासत में है, ऐसे में अगले साल के मध्य तक उसकी रिहाई संभव है। उकासा पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अगर वह जुर्माने की रकम अदा करने में विफल रहता है, तो उसे एक महीने के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
