मुंबई। महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार के दो सहयोगियों कांग्रेस और राकांपा के बीच एक बार फिर टकराव दिख रहा है। राकांपा मुखिया शरद पवार ने जहां कांग्रेस को कमजोर जमींदार बताया तो वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने राकांपा प्रमुख शरद पवार के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि रखवालों (राकांपा) ने ही कांग्रेस की जमीन लूट ली।
पटोले ने कहा, ‘कांग्रेस ने कई लोगों को जमीन की रखवाली की जिम्मेदारी दी थी। लेकिन इन रखवालों ने ही कांग्रेस की जमीन लूट ली। कांग्रेस की जमीन पर डाका डाल दिया। पार्टी ने जिन नेताओं को सत्ता सौंपी, उन्होंने ही उसके साथ घात किया।
दरअसल, पवार ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कांग्रेस यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि उसका जनाधार अब पहले जैसा नहीं रहा। कांग्रेस के नेता दूसरे दलों का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार नहीं होते। कांग्रेस की स्थिति उत्तरप्रदेश के जमींदारों की तरह है। पहले इन जमींदारों के पास हजारों एकड़ जमीन और कई हवेलियां थीं। लेकिन सीलिंग कानून के बाद इन जमींदारों के पास 15-20 एकड़ जमीन ही बची है। इन लोगों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई है कि ये अपनी हवेलियों की मरम्मत तक नहीं करा पा रहे हैं।
पवार ने कहा कि कभी कांग्रेस का जनाधार कश्मीर से कन्याकुमारी तक था। लेकिन अब कांग्रेस को स्वीकार करना चाहिए कि उसका जनाधार कम हुआ है। अगर वह यह स्वीकार कर लेगी, तो अन्य दल भी उससे जुड़ते जाएंगे।
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पवार ने कांग्रेस को आईना दिखाया है। कांग्रेस सामंती मानसिकता में जीने वाली पार्टी है। कांग्रेस देश में एक ही परिवार का राज चलाना चाहती है।

