मुंबई। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, सीएनजी, पीएनजी की कीमतों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी से महंगाई भड़कने की जो आशंका जताई जा रही थी, वह आखिरकार सच साबित हो रही है।
पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने से खाने-पीने के सामान से लेकर फल-सब्जी, जूते-चप्पल, कपड़े सब महंगे हो गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2022 में खुदरा महंगाई दर भड़क कर 17 महीने के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई है।
मंगलवार को जारी सरकारी आकंड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर मार्च में भड़क कर 6.95 फीसदी पर पहुंच गई है। खुदरा महंगाई का यह आंकड़ा 17 महीने का सबसे उच्चतम स्तर है। फरवरी 2022 में यह दर 6.07 फीसदी और जनवरी में 6.01 फीसदी दर्ज की गई थी।
पिछले साल मार्च 2021 में खुदरा महंगाई 5.52 फीसदी के स्तर पर थी। मार्च 2022 में खाने-पीने के सामानों की महंगाई दर 5.85 फीसदी से बढ़कर 7.68 फीसदी हो गई है। यह लगातार तीसरा महीना है, जब खुदरा महंगाई 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है।
