ईडी केंद्र और बैंकों को देगी नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या की जब्त संपत्ति
मुंबई। बैंकों को आर्थिक संकट में डाल कर विदेश भागने वाले कारोबारियों पर शिकंजा सख्त होगा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार यानी 23 जून को इस मामले में बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत सरकारी एजेंसी विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की जब्त संपत्तियों को केंद्र और सरकारी बैंकों को सौंपेगी। तीनों कारोबारियों ने सरकारी बैंकों को 22,585.83 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाई है।
ED ने 80.45% संपत्ति जब्त की है
ईडी ने बताया कि पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े धोखाधड़ी मामलों में बैंकों की करीब 40 फीसदी रकम की वसूली धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जब्त किए गए शेयरों की बिक्री से हुई है।
जांच एजेंसी की ओर से जब्त संपत्ति करीब 18,170.02 करोड़ रुपये की है, जो बैंकों के कुल लॉस का लगभग 80.45 प्रतिशत है। जांच एजेंसी ने कहा कि इसमें से 9,371.17 करोड़ रुपये के असेट्स को जल्द ही सरकार और पब्लिक सेक्टर के बैंकों को सौंप दिया जाएगा। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि भगोड़े कारोबारियों की संपत्तियों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जब्त किया गया था।
बैंकों के कन्सोर्टियम की ओर से ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) ने बुधवार को यूनाइटेड ब्रेवरीज लिमिटेड (यूबीएल) के 5,800 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे, जिन्हें एजेंसी ने पीएमएलए प्रावधानों के तहत जब्त किया था।
