महाराष्ट्र सरकार ने दिए हैं पूर्व पुलिस आयुक्त के खिलाफ जांच के आदेश
प्रहरी संवाददाता, मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई जांच को रद्द करने की अपील की गई थी। अदालत ने कहा कि भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी इस मामले में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) जा सकते हैं।
बांबे हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति एस. एस. शिंदे और न्यायमूर्ति एन. जे. जमादार की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह सेवा (नौकरी) से जुड़ा विषय है और उनका यह दावा खारिज कर दिया कि सरकार की कार्रवाई तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ उनके द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों का परिणाम थी। अदालत ने कहा कि एंटीलिया घटना से पहले (पुलिस निरीक्षक) अनूप डांगे ने फरवरी 2021 में भी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी।
बता दें कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के बाहर एक संदिग्ध वाहन खड़ा पाये जाने के बाद मार्च 2021 में मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिये जाने पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में परमबीर सिंह ने देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरेाप लगाये थे। इस वाहन में जिलेटिन की छड़े (विस्फोटक सामग्री) रखी हुई थी। अपनी याचिका में सिंह ने संजय पांडे के खिलाफ भी आरोप लगाए थे और दावा किया था कि डीजीपी ने उनसे एक निजी बैठक में कहा था कि अनिल देशमुख के खिलाफ उनकी शिकायत के कारण जांच शुरू की गई है।
