मुंबई, 21 अप्रैल 2022 । संजय राउत ने गुरुवार को कहा कि उन्हें और छह बार के विधायक एकनाथ खडसे को “असामाजिक तत्व” बता पूर्व की सरकार ने 2019 में क्रमश: 60 और 67 दिनों तक फोन टैप करवाया। अवैध फोन टैपिंग की कवायद तब की गई जब भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी रश्मि शुक्ला 31 मार्च, 2016 और 3 अगस्त, 2018 के बीच पुणे पुलिस की आयुक्त थीं। बाद में उन्होंने 2018 से 2020 तक राज्य के खुफिया विभाग आयुक्त का पद संभाला था।
फोन टैपिंग की घटना को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा, “जिस पुलिस अधिकारी से हम तटस्थ होकर काम करने की उम्मीद करते हैं, वह किसी नेता या पार्टी के प्रति वफादारी दिखाने का काम कर रहा था। अधिकारी को अब केंद्र की ओर से सुरक्षा दी जा रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।”
वहीं, खडसे ने कहा, “मेरा फोन 67 दिनों तक एक अलग नाम से और इस बहाने से टैप किया गया कि मैं असामाजिक गतिविधियों में शामिल हूं। मेरा मानना है कि शुक्ला एक अधिकारी हैं और बिना आदेश प्राप्त किए उनके लिए फोन टैप करना संभव नहीं है। ऐसे मामलों में अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री से मिलती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा में रहते हुए भी मेरा फोन टैप किया गया। मामले की जांच होनी चाहिए और फोन टैपिंग का आदेश किसने दिया और क्यों… यह सब लोगों के सामने आने की जरूरत है।”
