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पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर
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दूतावास का कामकाज बंद और निकासी के आदेश
डिजिटल न्यूज डेस्क, दुबई | पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने मंगलवार को उस समय बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया, जब ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला किया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि दो ईरानी ड्रोनों ने दूतावास को निशाना बनाया, जिससे परिसर को मामूली नुकसान पहुंचा है। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
अमेरिकी दूतावास ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि वीजा संबंधी नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं और नागरिकों को परिसर से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसी तरह का कदम उठाते हुए कुवैत में भी अमेरिकी दूतावास को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
तनाव को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बहरीन, जॉर्डन, यूएई, कतर, इराक और कुवैत में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, इन देशों में तैनात गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश भी जारी किया गया है।
यूएई पर भी युद्ध के बादल
सुरक्षित माने जाने वाले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर भी युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। हमलों के चलते यूएई को भी इस संघर्ष में घसीट लिया गया है। युद्ध के कारण हवाई क्षेत्र बंद होने से बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के जवाबी हमलों में अब तक 787 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि इजराइल पर ईरानी मिसाइल हमलों में 11 इजरायली नागरिक मारे गए हैं। इसी तरह, हिज्बुल्ला और इजराइल के बीच जारी संघर्ष में लेबनान में 52 लोगों की जान गई है।
परमाणु स्थल को क्षति
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने रिपोर्ट दी है कि हमलों के दौरान ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र को भी क्षति पहुंची है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी प्रकार के रेडियोधर्मी विकिरण (Radiation) का खतरा नहीं बताया गया है।
