प्रहरी संवाददाता, मुंबई। सेवानिवृत्त जज की एक सदस्यीय आयोग ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ बुधवार को फिर से जमानती वारंट जारी किया है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। इस सिलसिले में परमबीर सिंह को बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता वाले जांच आयोग के सामने पेश होना था, लेकिन वे अब तक पेश नहीं हुए।
मामले के विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरे ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। इस साल मार्च में राज्य सरकार ने देशमुख के खिलाफ सिंह के आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त जज कैलाश चांदीवाल की अगुआई में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया था।
हिरे ने कहा कि आयोग ने सिंह को कई बार समन जारी कर उनसे पेश होने को कहा था, लेकिन वे पेश नहीं हो रहे हैं। आयोग ने मुंबई के पूर्व आयुक्त के खिलाफ 7 सितंबर को एक जमानती वारंट जारी किया था। लेकिन वारंट की तामील नहीं हो सकी। इसके बाद 6 अक्टूबर तक के लिए फिर से वारंट जारी किया गया है।
इससे पहले पेश नहीं होने पर आयोग ने सिंह पर जून में 5,000 रुपए और पिछले महीने दो मौकों पर 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया था। सिंह ने देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि देशमुख ने कुछ पुलिस अधिकारियों को मुंबई के बार और रेस्तरां से हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य दिया था। आरोपों के बाद देशमुख ने गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
