सूरत। जीएसटी फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए केंद्रीय माल एवं सेवा कर आयुक्तालय ने सूरत में छापा मार कर पांच लोगों को अरेस्ट किया है। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) फर्जीवाड़े के लिए सूरत (गुजरात) में एक कमरे से करीब 550 डमी कंपनियां चलाने वाले शातिर गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिहाड़ी मजदूरों से लेकर मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के नाम और पतों के दस्तावेजों का अवैध इस्तेमाल किया गया था।
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इंदौर के केंद्रीय माल एवं सेवा कर आयुक्तालय ने मध्यप्रदेश पुलिस के साइबर दस्ते की मदद से गिरोह के पांच लोगों को सूरत से 25 मई को गिरफ्तार किया। यह गिरोह करीब 550 डमी कंपनियों के नाम पर 800 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जो अब जांच के घेरे में है। कई दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, सील, लेटर-पैड बरामद किए गए हैं।
अधिकारी ने बताया कि इस कारोबार के जरिए जीएसटी का 100 करोड़ रुपये से अधिक का आईटीसी फर्जी तौर पर हासिल किया गया और ‘कमीशन’ लेकर इसे अन्य कंपनियों को बेच दिया गया। जीएसटी तंत्र में डमी कंपनियां पंजीबद्ध कराने के लिए एक अन्य गिरोह के जरिए गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के लोगों की पहचान के दस्तावेज अवैध तौर पर खरीदे गए थे।
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