मुंबई। राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रही जस्टिस चांदीवाल समिति को राज्य सरकार ने सिविल कोर्ट के अधिकार दिए हैं। बता दें कि अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए मुंबई हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कैलाश उत्तमचंद चांदीवाल की एक सदस्यीय समिति के गठन का ऐलान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 30 मार्च को किया था। इस संदर्भ में जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया कि जस्टिस चांदीवाल समिति को सिविल कोर्ट के अधिकार दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि जांच समिति के गठन के बाद राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने सरकार की आलोचना की थी और दावा किया था कि पैनल को न्यायिक आयोग नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि उसे कमीशन ऑफ इन्क्वायरी ऐक्ट 1952 के तहत अधिकार नहीं दिए गए। उन्होंने समिति की स्थापना को आंख में धलू झोंकने की संज्ञा दी थी और कहा था कि एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश बिना किसी शक्ति के एक निवर्तमान गृह मंत्री के खिलाफ आरोपों की जांच कैसे कर
सकता है।
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