विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को समाप्त
लखनऊ। चुनाव आयोग ने कोरोना संकट के नए वेरिएंट के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। मतदान अवधि को एक घंटे तक बढ़ाने सहित अन्य अहम फैसले लिए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने यह जानकारी दी।
चंद्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को समाप्त हो रहा है। राज्य में कुल 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 317 सामान्य, 84 अनुसूचित जातियों तथा 02 अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराते हुए समय से चुनाव संपन्न कराने की मांग की है। यह भी साफ किया गया कि आखिरी मतदाता सूची 5 जनवरी को आएगी। चुनाव की तारीखों का ऐलान उसके बाद ही होगा।
दरअसल, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए शुक्रवार को चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। आयोग के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उप्र के तीन दिवसीय समीक्षा दौरा किया। इस दौरान निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार, डॉ. अनूप चंद्र पांडेय तथा चुनाव आयोग के महासचिव उमेश सिन्हा के अलावा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिय एवं विभिन्न जांच एजेंसियों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
