केंद्र सरकार ने पिछली तिथि से कर मांग को खत्म करने का फैसला लिया
केयर्न, वोडाफोन पर कर की मांग वापस लेने से संबंधित विधेयक पेश
प्रहरी संवाददाता. मुंबई। केंद्र सरकार ने केयर्न और वोडाफोन जैसी कंपनियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। सरकार ने रेट्रो कर यानी पिछली तिथि से लागू कर कानून को लेकर गुरुवार को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया। इसके तहत केयर्न एनर्जी और वोडाफोन जैसी कंपनियों से पूर्व की तिथि से कर की मांग को वापस लिया जाएगा।
सरकार ने यह भी कहा कि कंपनियों में भय को खत्म करने के लिए वह इस तरह के कर के जरिए वसूले गए धन को भी वापस लौटा देगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ‘कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2021’ पेश किया। विधेयक में कहा गया है,‘इन मामलों में भुगतान की गई राशि को बिना किसी ब्याज के वापस करने का भी प्रस्ताव है।’
इस विधेयक का सीधा असर ब्रिटेन की कंपनियों केयर्न एनर्जी और वोडाफोन समूह के साथ लंबे समय से चल रहे कर विवादों पर होगा।
बता दें कि भारत सरकार पिछली तिथि से लागू कर कानून के खिलाफ इन दोनों कंपनियों द्वारा किए गए मध्यस्थता मुकदमों में हार चुकी है। वोडाफोन मामले में हालांकि सरकार की कोई देनदारी नहीं है, लेकिन उसे केयर्न एनर्जी को 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर वापस करने हैं।
निचले सदन में विपक्षी सदस्य पेगासस जासूसी मामले सहित विभिन्न मुद्दों पर हंगामा कर रहे थे। हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस विधेयक को पेश किया।
उल्लेखनीय है कि भारतीय परिसंपत्तियों के अप्रत्यक्ष हस्तांतरण पर कर लगाने के लिए पिछली तिथि से लागू कर कानून, 2012 का इस्तेमाल करके सरकार ने विदेशी कंपनियों से टैक्स की मांग की थी, लेकिन विदेशी कंपनियों के दबाव में इस मांग को वापस लिया जाएगा।
