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स्टैंप ड्यूटी में बढोतरी से बिक्री व राजस्व घटा

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आम आदमी की पहुंच से बाहर बजट का घर खरीदना

समाचार प्रहरी, मुंबई

पिछले चार साल में रियल सेक्टर आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है। लेकिन कोविड महामारी व वर्क फ्रॉम होम कल्चर ने रियल इस्टेट को गति दी है। क्रेडाई एमसीएचआई की रिपोर्ट कहती है कि स्टैंप ड्यूटी को कम करने के फैसले के बाद पिछले साल रियल इस्टेट में डिमांड बढ़ी थी, लेकिन जनवरी महीने में एक प्रतिशत की स्टैंप ड्यूटी बढ़ाने के बाद रियल सेक्टर में नए मकानों के पंजीकरण में 40 से 50 पर्सेंट की कमी आई है। अफोर्डेबल घर का सपना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है।

बिक्री घटी

रिपोर्ट में कहा गया है कि टैक्स बेनिफिट व अन्य राहत उपायों से दिसंबर 2020 में एमएमआर रीजन में कुल 36,435 करोड़ रुपये मूल्य के कुल 48,624 यूनिट्स बेच पाने में बिल्डर सफल रहे थे, लेकिन जनवरी 2021 में प्रॉपर्टी की बिक्री घटकर 28,366 यूनिट्स रह गई। इस दौरान बिल्डरों ने 18,839 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया। दिसंबर 2020 की तुलना में जनवरी महीने में 20258 यूनिट्स कम बिक्री हुई है, जबकि 17596 करोड़ का राजस्व घाटा भी हुआ है।

पश्चिम उपनगर में अधिक डिमांड

रिपोर्ट के अनुसार, कोविड महामारी के दौरान मुंबई एवं एमएमआर रीजन में बड़े पैमाने पर घरों की डिमांड बढ़ी है। एमएमआर रीजन में कुल 1 लाख 38 हजार 728 यूनिट पंजीकृत हुए हैं। रियल सेक्टर को 96,956 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। सितंबर 2020 से जनवरी 2021 के दौरान पश्चिम उपनगर में कुल 23,912 करोड़ मूल्य की प्रॉपर्टी सेल हुई है, तो वहीं ठाणे जिले में 24,163 करोड़, इस्टर्न सबर्ब में 13,565 करोड़, सेंट्रल मुंबई में 12,050 करोड़, सीबीडी मुंबई में 5,543 करोड़ और सेंट्रल सबर्ब में 5,316 करोड़ रुपये मूल्य की प्रॉपर्टी बेची गई है।

सेंट्रल मुंबई में सबसे कम 
ठाणे जिले में दिसंबर 2020 में कुल 19477 मकान की बिक्री की गई थी, जिससे बिल्डरों को 7884 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। हालांकि जनवरी महीने में एक पर्सेंट की स्टैंप ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद मकान पंजीकरण की संख्या घटकर 12807 यूनिट्स रह गई, जिससे 5244 करोड़ रुपये ही मिल पाए। वेस्टर्न सबर्ब में 7196 यूनिट्स बेचकर 8741 करोड़ रुपए मिले थे, जबकि जनवरी में केवल 4096 प्रॉपर्टी बेची गई, जिससे 4596 करोड़ रुपये मिले। सेंट्रल मुंबई में भी दिसंबर महीने में 1046 प्रॉपर्टी सेल हुई और इससे 2725 करोड़ रुपये मिले, जबकि जनवरी में 569 यूनिट्स ही बिक सके और बिल्डरों को 905 करोड़ रुपये का राजस्व मिला।

अफोर्डेबल हाउसिंग का सपना टूटा

अफोर्डेबल हाउसिंग का सपना आम लोगों के लिए दूर की कौड़ी साबित हो रही है। कसारा, कर्जत, खोपोली, पालघर, रायगढ़ में भी रेरा के तहत वन बीएचके अपार्टमेंट की कीमत आम आदमी की पहुंच से बाहर चली गई है। पिछले साल की तुलना में औसत प्रॉपर्टी की कीमत एमएमआर रीजन में 14 से 20 पर्सेंट तक बढ़ी हैं। सीबीडी मुंबई में औसत प्रॉपर्टी की कीमत 1.6 करोड़ रुपये है, जबकि सेंट्रल मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमत में 13 पर्सेंट का इजाफा हुआ है। यहां पर औसत प्रॉपर्टी की कीमत 2.8 करोड़ रुपये है। इसी तरह, सेंट्रल सबर्ब में प्रॉपर्टी की कीमत में 38 पर्सेंट का इजाफा हुआ, जिससे औसत प्रॉपर्टी की कीमत 2.1 करोड़ रुपये हो गई। इस्टर्न और वेस्टर्न सबर्ब में प्रॉपर्टी की कीमत केवल 1-3 पर्सेंट बढ़ी है और औसत प्रॉपर्टी 1.1 करोड़ रुपये में उपलब्ध है, जबकि ठाणे जिले में औसत प्रॉपर्टी की कीमत 41 लाख रुपये हो गई है। रायगढ़ में 37 लाख और पाललघर में 25 लाख रुपये में औसत प्रॉपर्टी उपलब्ध है।


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