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कोरोना संकट के बीच भारतीय नौसेना की बढ़ेगी ताकत

55000 करोड़ रुपये की लागत वाली छह पनडुब्बियों के लिए शुरू होगी बोली प्रक्रिया

नई दिल्ली। दुनिया भर में कोरोना महामारी ने अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया है, दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। इसी दौरान चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने समुद्र में भी अपनी ताकत बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। भारत ने चीन की नौसैनिक ताकत की बराबरी करने और समुद्र में खुद को मजबूत करने के उद्देश्य से छह पनडुब्बियों के निर्माण के लिए बोली प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। इस बीच अपुष्ट खबरों के अनुसार, दक्षिणी चीन सागर में भी भारतीय नौसेना के जंगी बेड़ों की तैनाती की गई है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारतीय नौसेना के लिए छह पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण के लिए जल्द ही बोली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लगभग 55,000 करोड़ रुपये की इस मेगा परियोजना बोली प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू करने के लिए भारत सरकार तैयार है।


पनडुब्बियों का निर्माण भारत में बहुप्रचारित रणनीतिक भागीदारी मॉडल के तहत किया जाएगा, जो घरेलू कंपनियों को देश में उच्च-स्तरीय सैन्य प्लेटफार्मों का उत्पादन करने और आयात निर्भरता को कम करने के लिए प्रमुख विदेशी बड़ी रक्षा कंपनियों के साथ काम करने की अनुमति देता है।
सूत्रों ने बताया कि पनडुब्बियों की विशिष्टताओं और पी-75I नाम की इस मेगा परियोजना के लिए आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) जारी करने के लिए अन्य महत्वपूर्ण आवश्यकताएं, रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना की अलग-अलग टीमों द्वारा पूरा कर लिया गया है। इसके लिए अक्टूबर तक आरएफपी जारी कर दिया जाएगा।

बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने पहले ही इस मेगा परियोजना के लिए दो भारतीय शिपयार्ड और पांच बड़ी विदेशी रक्षा कंपनियों को शॉर्टलिस्ट कर दिया है। शॉर्टलिस्ट की गई भारतीय इकाइयां एलएंडटी ग्रुप और सरकार के स्वामित्व वाली मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) हैं, जबकि चुनिंदा विदेशी संस्थाओं में जर्मनी की थिसेनकृप मरीन सिस्टम्स, स्पेन की नवैन्टिया और फ्रांस की नेवल ग्रुप भी शामिल है।

गौरतलब है कि भारतीय नौसेना ने पानी के भीतर लड़ने की क्षमता को बढ़ाने के लिए छह परमाणु हमले वाली पनडुब्बियों सहित 24 नई पनडुब्बियों का अधिग्रहण करने की योजना बनाई है। वर्तमान में नौसेना के पास 15 पारंपरिक पनडुब्बियां और दो परमाणु पनडुब्बियां मौजूद हैं।

हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के चीन के बढ़ते प्रयासों के मद्देनजर नौसेना अपनी समग्र क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

बता दें कि एक वैश्विक नौसेना विश्लेषकों के अनुसार, चीनी नौसेना के पास वर्तमान में 50 से अधिक पनडुब्बियां और लगभग 350 जहाज हैं। जहाजों और पनडुब्बियों की कुल संख्या अगले 8-10 वर्षों में 500 से अधिक होने का अनुमान है।

 

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