✍🏻 डिजिटल न्यूज डेस्क, नई दिल्ली। सोमवार रात करीब 9 बजे भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे पत्र में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों और चिकित्सा सलाह का हवाला दिया है। इसी पत्र में उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के आधार पर अपने इस्तीफ़े की घोषणा की है।
उप राष्ट्रपति ने इस पत्र को अपने सोशल मीडिया एक्स पर भी शेयर किया है।
राष्ट्रपति मुर्मु को पत्र में जगदीप धनखड़ ने लिखा, ‘स्वास्थ्य की प्राथमिकता और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हुए, मैं भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूं।’
इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति को उनके सहयोग और सौहार्दपूर्ण संबंधों के लिए धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद को भी उनके सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
कौन संभालेगा उपराष्ट्रपति का कार्यभार?
उपराष्ट्रपति का पद खाली होने के बाद यह सवाल उठता है कि अब ये पद कौन संभालेगा? भारतीय संविधान के मुताबिक, जब उपराष्ट्रपति का पद खाली हो जाता है तो उनकी जिम्मेदारी राज्यसभा का उपसभापति या फिर राष्ट्रपति द्वारा नामित कोई वरिष्ठ सदस्य निभाता है। चूंकि उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं, इसलिए राज्यसभा की कार्यवाही बिना बाधा जारी रहे, इसके लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। लेकिन, तकनीकी रूप से देखें तो कार्यवाहक उपराष्ट्रपति की कोई औपचारिक नियुक्ति नहीं होती।
संविधान के अनुच्छेद 68 के अनुसार, उपराष्ट्रपति का पद खाली होने पर छह महीने के अंदर नया चुनाव कराया जाना जरूरी होता है। चुनाव पूरी पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग के नियमानुसार कराया जाता है। जो भी व्यक्ति इस चुनाव में विजयी होता है, उसे राष्ट्रपति की उपस्थिति में अनुच्छेद 69 के तहत शपथ दिलाई जाती है। इसके बाद वह अगले पांच साल तक उपराष्ट्रपति पद पर बने रहते हैं।
