ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरदुनियाबिज़नेसभारतराज्य

यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोप को गैस बेचने के लिए अमेरिका और रूस में गुप्त सौदेबाजी

Share

  • नॉर्ड स्ट्रीम में अमेरिकी निवेशक लाने की तैयारी, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और पुतिन के दूत के बीच वार्ता

✍️ विशेष अंतरराष्ट्रीय डेस्क, बर्लिन/वॉशिंगटन | यूक्रेन में जारी भीषण युद्ध के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के शीर्ष अधिकारियों के बीच यूरोप को रूसी गैस की आपूर्ति दोबारा शुरू करने के लिए गोपनीय बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और विशेष दूत जेरेड कुशनर तथा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी सलाहकार किरिल दिमित्रिएव नॉर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइनों में एक अमेरिकी निवेशक को शामिल करने के फॉर्मूले पर चर्चा कर रहे हैं।

Oplus_16908288
Oplus_16908288

इस गोपनीय समझौते का मुख्य उद्देश्य युद्ध समाप्त होने के बाद यूरोप में बहने वाली ऊर्जा से अमेरिकी और रूसी कंपनियों के लिए भारी मुनाफा सुनिश्चित करना और कारोबारी समझौतों के जरिए शांति वार्ता का रास्ता तैयार करना है। मॉस्को और न्यूयॉर्क में दोनों पक्षों के बीच हाल के हफ्तों में हुई कई दौर की बैठकों के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में गरमा गया है।

Oplus_16908288

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि रूस के साथ किसी भी समझौते पर बातचीत अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास वित्त निगम (DFC) और ट्रेजरी विभाग के जरिए की जाएगी और इसमें अमेरिकी करदाताओं तथा कंपनियों का सीधा वित्तीय लाभ होना अनिवार्य होगा।

रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे जेरेड कुशनर का मानना है कि आर्थिक साझेदारी और कारोबारी लाभ ही स्थायी शांति की धुरी बन सकते हैं। इसके तहत रूसी ऊर्जा कंपनी लुकोइल की यूरोप और अन्य देशों में मौजूद रिफाइनरियों तथा पेट्रोल पंपों को डीएफसी, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के निवेशकों के एक कंसोर्टियम को बेचने पर भी समानांतर बातचीत चल रही है, जिसके बदले में अमेरिका उन संपत्तियों से प्रतिबंध हटाने पर विचार कर सकता है।

इस संभावित समझौते के सामने सबसे बड़ी कानूनी और राजनीतिक अड़चन अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा नॉर्ड स्ट्रीम पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध हैं। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले से पहले जर्मनी अपनी जरूरत की आधी से अधिक गैस नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइनों के जरिए ही रूस से खरीदता था, लेकिन युद्ध शुरू होने और सितंबर 2022 में समुद्र के भीतर हुए रहस्यमय विस्फोटों के बाद यह आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी।

जर्मनी के अर्थव्यवस्था और ऊर्जा मंत्रालय की प्रवक्ता ने साफ किया है कि नॉर्ड स्ट्रीम और रूसी गैस वर्तमान में प्रतिबंधित हैं और जर्मनी ने इसके वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत तलाश लिए हैं। जर्मन सरकार का रुख है कि पाइपलाइन को दोबारा शुरू करने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी होगी और बर्लिन का ऐसा कोई इरादा नहीं है।

यूरोप के राजनीतिक हलकों में इस गुप्त बातचीत को लेकर गहरा अविश्वास और आक्रोश उभरने लगा है। जर्मनी के पूर्व ऊर्जा नीति प्रभारी माइकल केलनर ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि यह एक ऐसा गंदा सौदा साबित हो सकता है, जिसकी भारी कीमत यूरोप को चुकानी पड़ेगी, जबकि इसका सारा मुनाफा केवल अमेरिकी और रूसी पक्ष आपस में बांटेंगे।

पोलैंड और बाल्टिक देश भी रूस के साथ किसी भी नए ऊर्जा समझौते का कड़ा विरोध कर रहे हैं। नॉर्ड स्ट्रीम का मालिकाना हक रखने वाली कंपनी में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी रूसी सरकारी कंपनी गैजप्रॉम की है, जबकि शेष हिस्सेदारी दो जर्मन, एक फ्रांसीसी और एक डच कंपनी के पास है। यदि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कार्यकारी आदेशों के जरिए प्रतिबंधों में ढील देने की कोशिश करते हैं, तो भी यूरोप का कड़ा विरोध और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के समीकरण इस समझौते को लागू करने की राह में बड़ी दीवार बने हुए हैं।

 


Share

Related posts

हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में थापर की अर्जी पर ईडी से मांगा जवाब

Girish Chandra

PMLA के प्रावधानों के तहत ईडी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती: सुप्रीम कोर्ट

Prem Chand

टीम इंडिया ने 12 साल बाद कटाया फाइनल का टिकट, बने कई रिकॉर्ड

samacharprahari

रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयर दो हजार रुपए के पार

samacharprahari

BJP lodges complaint after Jyotiraditya Scindia’s motorcade blocked in Bhopal

Admin

पार्टियों के लिए ‘दागी हैं तो क्या हुआ, जीत का तो है भरोसा’

samacharprahari