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क्रिस्टीना कोच चंद्रमा के पास पहुंचने वाली पहली महिला बनेंगी
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कोच के नाम पहले से ही किसी महिला द्वारा सबसे लंबी निरंतर अंतरिक्ष यात्रा का रिकॉर्ड
✍🏻 डिजिटल न्यूज डेस्क, केप कैनावेरल (फ्लोरिडा) | मानव इतिहास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखते हुए नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने अपने महत्वाकांक्षी ‘आर्टेमिस II’ मिशन का सफल आगाज कर दिया है। आधी सदी के लंबे अंतराल के बाद, केनेडी स्पेस सेंटर से चार अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की ओर कूच किया।
हालांकि, शुरुआती तकनीकी अड़चनों के कारण निर्धारित समय शाम 6:24 बजे (ET) से लॉन्चिंग में कुछ देरी हुई, लेकिन रॉकेट ने बादलों का सीना चीरते हुए अंतरिक्ष की ओर कदम बढ़ा दिए। यह 10 दिवसीय मिशन न केवल चंद्रमा की परिक्रमा करेगा, बल्कि अंतरिक्ष की गहराइयों में पृथ्वी से उस दूरी तक जाएगा जहां आज तक कोई इंसान नहीं पहुंचा है।
इस ऐतिहासिक यात्रा पर सवार अंतरराष्ट्रीय टीम में नासा के रीड वाइज़मैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
यह मिशन अपोलो युग के उन पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त करने के लिए तैयार है, जिन्होंने कभी मानव सीमाएं तय की थीं। इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दल का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इसे अमेरिकी प्रभुत्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि अमेरिका न केवल पृथ्वी और अर्थव्यवस्था में, बल्कि अब तारों से भी आगे बढ़कर दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।
इतिहास रचते चार जांबाज
इस मिशन की कमान 50 वर्षीय अनुभवी अंतरिक्ष यात्री और पूर्व नौसेना अधिकारी रीड वाइज़मैन के हाथों में है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 165 दिन बिता चुके वाइज़मैन के लिए यह सफर एक कठिन सपने के सच होने जैसा है। उनके साथ ओरियन अंतरिक्ष यान के पायलट के रूप में 49 वर्षीय विक्टर ग्लोवर तैनात हैं। ग्लोवर इस मिशन के साथ चंद्रमा की यात्रा करने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति बनकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराएंगे। बचपन में स्पेस शटल को देखकर पायलट बनने का सपना देखने वाले ग्लोवर आज उस सपने को हकीकत में जी रहे हैं।
महिला शक्ति और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी
आर्टेमिस II मिशन लैंगिक और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को भी तोड़ रहा है। मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टीना कोच चंद्रमा के करीब पहुंचने वाली दुनिया की पहली महिला बनने जा रही हैं। अंटार्कटिका में शोध कर चुकीं और सबसे लंबी निरंतर अंतरिक्ष यात्रा का रिकॉर्ड रखने वाली कोच का मानना है कि डर के आगे ही जीत है।
वहीं, टीम के चौथे सदस्य जेरेमी हैनसेन कनाडा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे चंद्रमा के पास जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री होंगे। पेशे से फाइटर पायलट रहे हैनसेन पहली बार अंतरिक्ष की यात्रा कर रहे हैं, जो उनके लिए बचपन के उस सपने को पूरा करने जैसा है जो उन्होंने नील आर्मस्ट्रॉन्ग की तस्वीरों को देखकर संजोया था। यह मिशन न केवल विज्ञान बल्कि मानवीय अदम्य साहस की एक नई मिसाल पेश कर रहा है।
