✍️ प्रहरी संवाददाता, लखनऊ | उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक उस समय शर्मिंदगी का सबब बन गई, जब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जूम पर चल रही मीटिंग के बीच अचानक अश्लील वीडियो प्ले होने लगा। मंगलवार शाम को आयोजित इस वर्चुअल मीटिंग में महानिदेशालय के शीर्ष अधिकारियों समेत विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और अन्य वरिष्ठ डॉक्टर जुड़े हुए थे। जैसे ही स्क्रीन पर आपत्तिजनक सामग्री फ्लैश हुई, बैठक में सन्नाटा पसर गया और असहज होकर कई अधिकारियों ने तत्काल लॉगआउट कर दिया।
घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। विभाग की तकनीकी टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह घटना किसी प्रतिभागी की लापरवाही से हुई या बाहरी तत्वों ने मीटिंग की सुरक्षा में सेंध लगाकर इसे ‘जूम बॉम्बिंग’ का शिकार बनाया। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज करा दी गई है।
साइबर विशेषज्ञों की प्राथमिक जांच में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि मीटिंग का लिंक सार्वजनिक होने या स्क्रीन शेयरिंग फीचर के ओपन रहने की वजह से किसी शरारती तत्व ने इसे अंजाम दिया है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि यह केवल तकनीकी चूक नहीं बल्कि विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। पुलिस की साइबर विंग अब उन सभी आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है, जो उस समय बैठक में सक्रिय थे, ताकि इस भद्दे कृत्य के पीछे मौजूद असली चेहरे की पहचान की जा सके।
