पश्चिम एशिया में भीषण युद्ध के आसार, रूस ने की हमले की कड़े शब्दों में निंदा
✍️ डिजिटल न्यूज डेस्क, दुबई/तेहरान | पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण नतांज परमाणु संयंत्र पर भीषण हवाई हमला किया गया। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘मिजान’ ने इस हमले की पुष्टि की है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, संयंत्र से किसी भी तरह के रेडियोधर्मी विकिरण (रेडिएशन) का रिसाव दर्ज नहीं किया गया है।
इस हमले के बाद इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आने वाले सप्ताह में ईरानी ‘आतंकवादी शासन’ और उसके आधारभूत ढांचों के विरुद्ध हमलों की तीव्रता में भारी वृद्धि की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजराइली और अमेरिकी सेनाएं मिलकर इन ऑपरेशनों को अंजाम देंगी। उधर, तेहरान और बगदाद से भी हिंसा की खबरें हैं, जहां राजधानी में भारी बमबारी हुई और इराक में एक ड्रोन हमले में खुफिया अधिकारी की मौत हो गई।
रूस ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन बताया है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने चेतावनी दी कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकतें पूरे क्षेत्र को एक बड़ी तबाही की ओर धकेल सकती हैं। इस बीच, संघर्ष का दायरा बढ़ता देख ब्रिटेन ने भी ईरान की निंदा की है, क्योंकि ईरानी सेना ने हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं।
अमेरिका की स्थिति इस संकट में दोहरी नजर आ रही है। एक ओर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सैन्य अभियान कम करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर क्षेत्र में तीन नए युद्धपोत और 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों की तैनाती कर दी गई है। तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल जहाजों पर से प्रतिबंध हटाने का संकेत दिया है ताकि ईंधन की कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। फिलहाल, पूरा विश्व इस परमाणु संपन्न क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित है।
