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‘मेट्रो वुमन’ के नाम से मशहूर IAS अश्विनी भिड़े अब चलाएंगी देश की सबसे अमीर महानगरपालिका
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मेयर रितु तावड़े और कमिश्नर अश्विनी भिड़े के साथ अब मुंबई में पूरी तरह ‘महिला राज’ होगा
✍️ प्रहरी संवाददाता, मुंबई | महाराष्ट्र सरकार ने 1995 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिड़े को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का नया आयुक्त नियुक्त किया है। देश की सबसे अमीर महानगर पालिका के 133 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब प्रशासन की कमान किसी महिला अधिकारी के हाथों में सौंपी गई है। अश्विनी भिड़े वर्तमान आयुक्त भूषण गगराणी का स्थान लेंगी, जो 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। इस नियुक्ति के साथ ही मुंबई के दो सर्वोच्च नागरिक पदों पर ‘महिला शक्ति’ का उदय हुआ है, क्योंकि मेयर की कुर्सी पर पहले से ही भाजपा की रितु तावड़े काबिज हैं।
प्रशासनिक गलियारों में ‘मेट्रो वुमन’ के नाम से विख्यात अश्विनी भिड़े को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बेहद भरोसेमंद माना जाता है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहीं भिड़े का चयन कई दिग्गज नामों को पीछे छोड़कर किया गया है।
बीएमसी कमिश्नर की इस दौड़ में संजय मुखर्जी, असीम गुप्ता और मिलिंद म्हैस्कर जैसे अनुभवी अधिकारी शामिल थे, लेकिन आखिरकार भिड़े के ट्रैक रिकॉर्ड और मुंबई की जटिलताओं पर उनकी पकड़ ने उन्हें जीत दिलाई। 2030 तक रहने वाला उनका यह लंबा कार्यकाल मुंबई के भविष्य के बुनियादी ढांचे के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
अश्विनी भिड़े की छवि एक बेहद सख्त और परिणामोन्मुखी अधिकारी की रही है। मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) के प्रमुख के रूप में उन्होंने तत्कालीन महाविकास आघाड़ी सरकार और विशेषकर उद्धव ठाकरे के साथ तीखे वैचारिक मतभेदों के बावजूद मेट्रो-3 परियोजना को गति दी थी।
अब जब मुंबई मानसून की दहलीज पर खड़ी है और हजारों करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं, तब भिड़े के अनुभव की असली परीक्षा बीएमसी मुख्यालय में होगी। उनकी नियुक्ति के साथ ही प्रशासन में बड़ा फेरबदल हुआ है, जिसमें लोकेश चंद्र को सीएमओ में भिड़े की जगह तैनात किया गया है, जबकि भिड़े फिलहाल मेट्रो प्रोजेक्ट्स का अतिरिक्त प्रभार भी संभालती रहेंगी।
