Samachar Prahari
OtherPoliticsTop 10एजुकेशनताज़ा खबरभारतराज्य

NEET की तर्ज पर MH-CET में भी बड़ा घोटाला! 10वीं-12वीं में फेल होने वाले छात्र बने टॉपर: कांग्रेस

Share

✍️ प्रहरी संवाददाता, मुंबई | देशभर में जारी NEET पेपर लीक विवाद के बीच अब महाराष्ट्र की MH-CET परीक्षा भी एक बड़े घोटाले के घेरे में आ गई है। बोर्ड परीक्षा में पूरी तरह फेल विद्यार्थियों ने भी शत प्रतिशत नंबर लाए हैं। बोर्ड की 10वीं-12वीं में फेल होने वाले छात्र भी टॉपर बने हैं।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सचिन सावंत ने तिलक भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहद कम अंक पाने वाले और यहाँ तक कि फेल होने वाले छात्रों को भी MH-CET में 100 पर्सेंटाइल मिले हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को तुरंत बंद करने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

सचिन सावंत ने पुख्ता आंकड़ों के साथ परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए बताया कि 11वीं-12वीं के पाठ्यक्रम पर आधारित इस परीक्षा में चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आई हैं। उदाहरण के तौर पर, रैंक 66 के एक छात्र को 10वीं के गणित में केवल 22 और 12वीं में 33 अंक मिले थे, यानी वह बोर्ड परीक्षा में पूरी तरह फेल था, लेकिन उसे CET में 99.971 पर्सेंटाइल हासिल हुए।

इसी तरह, 12वीं में मात्र 35, 39, 45 और 51 प्रतिशत अंक पाने वाले कई छात्रों को CET में परफेक्ट 100 पर्सेंटाइल मिल गए। राज्य के टॉप 20 रैंकर्स में से 6 छात्र ऐसे हैं जिन्हें बोर्ड परीक्षा में 60 फीसदी से भी कम अंक मिले थे, जो इस पूरी मूल्यांकन प्रणाली पर गंभीर संदेह पैदा करता है।

“यह अद्भुत चमत्कार कैसे हुआ, इसका जवाब राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल को देना चाहिए। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन परीक्षाओं को असल में नियंत्रित कौन कर रहा है और इसमें ‘जोशी’ नामक व्यक्ति की क्या भूमिका है?”
— सचिन सावंत, सचिव, एआईसीसी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर तंज कसते हुए सावंत ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में व्यापम जैसे परीक्षा घोटाले लगातार पनप रहे हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि MH-CET परीक्षा सेल में पिछले 8-10 वर्षों से एक ही अधिकारी जमे हुए हैं और उनका तबादला तक नहीं किया गया है। सावंत ने कहा कि जब उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर आवाज उठाई तो सीईटी सेल ने सूची को अस्पष्ट बताया, इसलिए वे अब दोबारा पूरी सूची और पत्र आयोग को सौंपकर इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगेंगे।


Share

Related posts

अपहरण मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह को सात साल की सज़ा

Prem Chand

7-10 साल के बच्‍चों में 360% बढ़ा सेक्‍सुअल इमेजिनेशन

Prem Chand

‘स्मगल इन इंडिया’ का चमकता धंधा—बीजेपी के ‘नए भारत’ में तस्करों की बल्ले-बल्ले

samacharprahari

Leave a Comment