महाराष्ट्र नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव नतीजों में महायुति की बड़ी जीत
✍🏻 प्रहरी संवाददाता, मुंबई | महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के नतीजों ने राज्य की सियासत में सत्ता संतुलन की तस्वीर साफ कर दी है। स्थानीय निकाय चुनावों को 2024 के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों की पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा था, जिसमें सत्तारूढ़ महायुति ने निर्णायक बढ़त हासिल की। कुल 288 सीटों में से महायुति ने 215 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत की है।
रविवार को राज्य की 288 सीटों (246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों) के नतीजे घोषित किए गए। राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी का दबदबा सबसे स्पष्ट रहा। भाजपा ने 120 से अधिक सीटें जीतकर खुद को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर स्थापित किया। वहीं शिवसेना (एकनाथ शिंदे) ने 57 सीटों पर जीत दर्ज कर यह संकेत दिया कि पार्टी की स्वीकार्यता अब केवल ठाणे तक सीमित नहीं रही। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार) ने भी 37 सीटें जीतकर गठबंधन के भीतर अपना स्वतंत्र राजनीतिक आधार मजबूत किया है।
दूसरी ओर, विपक्षी महाविकास आघाड़ी का प्रदर्शन कमजोर रहा। गठबंधन के खाते में कुल 51 सीटें आईं, जिनमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 31, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) को 10 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) को 10 सीटें मिलीं। इसके अलावा 22 सीटें स्थानीय आघाड़ियों और अन्य दलों के खाते में गईं।
नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नगर परिषदों में चुने गए करीब 75 फीसदी अध्यक्ष महायुति से हैं और यह संगठनात्मक समन्वय व जमीनी मेहनत का परिणाम है। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि मतदाताओं ने “असली शिवसेना” पर भरोसा जताया है।
उधर, कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने हार स्वीकार करते हुए राज्य चुनाव आयोग पर सत्तारूढ़ गठबंधन को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए दो चरणों में मतदान हुआ था। पहले चरण में 2 दिसंबर को 263 निकायों में और दूसरे चरण में 20 दिसंबर को शेष निकायों व रिक्त पदों पर वोटिंग हुई थी।
