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सांसदों की ‘कुर्सी’ पर बैठते ही दौलत का ‘टर्बो मोड’, जनता अब भी ‘स्लो मोशन’ में!

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करोड़पति सांसदों की संख्या बढ़कर साल 2024 में 504 पहुंच गई

✍🏻 प्रहरी संवाददाता, नई दिल्ली। राजनीति को ‘जनसेवा’ कहा जाता है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि यह ‘धनसेवा’ में तब्दील हो चुकी है! सांसदों की कमाई का ग्राफ़ देखकर शेयर मार्केट के निवेशकों को भी जलन हो सकती है! आम जनता का वेतन भले ही धीमी रफ़्तार से बढ़े, लेकिन माननीयों की संपत्ति का ‘बुल रन’ कभी थमता नहीं।

एडीआर ने सांसदों की संपत्ति से जुड़े आंकड़ों का जब से विश्लेषण शुरू किया है, तब इससे जुड़े आंकड़े सामने आने लगे हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 साल में देश में करोड़पति सांसदों की संख्या 153 से बढ़कर साल 2024 में 504 पहुंच गई है।

2004 में जब संसद में सिर्फ 29% सांसद करोड़पति थे, तब जनता को भरोसा था कि उनके नेता उनके लिए लड़ेंगे। मगर 2024 में जब 93% सांसदों की जेब करोड़ों से भरी पड़ी है, तब जनता के हिस्से में सिर्फ महंगाई और वादों की पोटली बची है!

ADR की रिपोर्ट के अनुसार, 2014 लोकसभा चुनाव के बाद करोड़पति सांसदों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई। इस चुनाव के बाद करोड़पति सांसदों की हिस्सेदारी 57 से बढ़कर 81.9 फीसदी पहुंच गई। खास बात है कि 2014 में सांसदों को अपनी संपत्ति को मार्केट वैल्यू के आधार पर घोषित करने की बात कही गई थी।

📊 🚀 20 साल में सांसदों की संपत्ति की ‘सुपरसोनिक’ उड़ान!

🔹 2004: 153 करोड़पति सांसद (29%)
🔹 2009: 312 करोड़पति सांसद (57%)
🔹 2014: 443 करोड़पति सांसद (81.9%)
🔹 2019: 479 करोड़पति सांसद (88.4%)
🔹 2024: 504 करोड़पति सांसद (92.8%)

🤑 राजनीति = ‘डायरेक्ट करोड़पति स्कीम’?

कोई बिजनेस खोलो, शेयर मार्केट में पैसा लगाओ या फिर मेहनत से कमाओ— कहीं भी पैसा इतनी स्पीड से नहीं बढ़ता जितनी तेजी से सांसदों की दौलत बढ़ी है! सवाल ये है कि सांसद बनने के बाद कौन-सा ‘जादुई खजाना’ हाथ लग जाता है?

🚗 जनता के लिए ‘स्पीड ब्रेकर’, सांसदों के लिए ‘एक्सप्रेसवे’!

महंगाई आसमान छू रही है, नौकरियां घटी हैं, मिडिल क्लास टैक्स भरकर कराह रहा है… लेकिन सांसदों की कमाई में न मंदी आई, न गिरावट! 2014 से जब सांसदों को संपत्ति की ‘मार्केट वैल्यू’ बताने को कहा गया, तब से ये आंकड़े और चौंकाने लगे। यानी असल में कितना ‘विकास’ हुआ, ये वही जानते होंगे! इस ‘जनसेवा’ का फॉर्मूला अगर जनता को भी पता चल जाए, तो बेरोज़गारी एक दिन में ख़त्म हो जाएगी!


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