ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरभारतराज्य

महायुति में ‘लक्ष्मण रेखा’ की मांग तेज, अजीत पवार नाराज़, अमित शाह से की अकेले मुलाक़ात

Share

डिजिटल न्यूज़ डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र की महायुति सरकार में वरिष्ठ नेता छगन भुजबल की कैबिनेट में वापसी से कथित रूप से अंदरूनी घमासान तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार भुजबल की एंट्री से नाखुश बताए जा रहे  हैं और उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सोमवार रात सह्याद्री गेस्ट हाउस में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अकेले मुलाक़ात की। अजीत पवार ने स्पष्ट कहा कि अब महायुति में एक ‘लक्ष्मण रेखा’ तय होनी चाहिए, ताकि किसी भी दल को दूसरे की सीमाओं में हस्तक्षेप का अवसर न मिले।

सूत्रों के मुताबिक, अजीत पवार की नाराज़गी इस बात को लेकर है कि भुजबल को मंत्री बनाए जाने से पहले उनसे कोई चर्चा नहीं की गई। भले ही भुजबल राकांपा (अजीत गुट) के विधायक हैं, लेकिन उन्हें मंत्री पद दिलाने में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बड़ी भूमिका रही है। खुद  भुजबल भी सार्वजनिक मंचों से इस बात को दोहरा चुके हैं कि उन्हें मंत्री बनाने में फडणवीस, अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ है, न कि अजीत पवार का।

भुजबल की वापसी ऐसे समय पर हुई है, जब राकांपा नेता धनंजय मुंडे, बीड के मासाजोग गांव के सरपंच हत्याकांड में फंसकर मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। अजीत पवार की योजना थी कि मामला शांत होने के बाद वे मुंडे की फिर से एंट्री कराएंगे, लेकिन भुजबल ने पहले ही मैदान मार लिया। कहा जा रहा है कि अजीत ने शाह से मुंडे को सरकार में वापस लाने की भी मांग की है।

अंदरूनी खींचतान सिर्फ राकांपा तक सीमित नहीं है। भाजपा नेता गिरीश महाजन भी भुजबल की वापसी से असहज हैं, क्योंकि इससे उनके लिए नाशिक का पालक मंत्री बनना मुश्किल हो गया है। वे व्यंग्य करते हुए भुजबल को राज्य का तीसरा डिप्टी सीएम बताए जाने की बात भी कह रहे हैं। राकांपा के ही मंत्री माणिकराव कोकाटे ने भी तंज कसा है कि अगर भुजबल का बस चले तो वे प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने अजीत पवार को सलाह दी है कि वे व्यक्तिगत मुद्दों की बजाय निकाय चुनावों पर ध्यान दें और भरोसा दिया कि धनंजय मुंडे को क्लीन चिट मिलने पर उन्हें फिर से एडजस्ट किया जाएगा। उन्होंने महायुति के सभी घटकों को समन्वय के साथ चलने की नसीहत दी है। लेकिन भुजबल की बढ़ती सक्रियता ने महायुति में एक बार फिर अंतर्विरोध को सतह पर ला दिया है।


Share

Related posts

आईसीआईसीआई ने इंश्योरेंस बिजनेस की 1.5 फीसदी हिस्सेदारी बेची

samacharprahari

शिल्पा के बंगले पर पहुंची पुलिस, कुंद्रा की हिरासत बढ़ी

samacharprahari

आईसीआईसीआई से धोखाधड़ी करने पर कार्वी पर केस दर्ज

Prem Chand

अर्थव्यवस्था: लॉकडाउन से जीडीपी माईनस 23.9 फीसदी लुढ़की

samacharprahari

लोकसभा चुनाव से पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल का इस्तीफा

Prem Chand

सौतेले पिता ने तीन साल की मासूम को दीवार से पटककर मार डाला

Prem Chand