बीसीसीआई छोड़कर राजनीति में आने की चर्चा
प्रहरी संवाददाता, कोलकाता। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने बुधवार दोपहर को अपने एक ट्विटर पोस्ट से पूरी मीडिया में हलचल पैदा कर दिया। उन्होंने ऐसा ट्वीट किया, जिसके बाद उनके पॉलिटिक्स में कदम रखने और बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देने की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि बाद में बीसीसीआई के सचिव जय शाह को यह साफ करने के लिए सामने आना पड़ा कि गांगुली ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
ट्वीट ने किया कन्फ्यूज
सौरव गांगुली के राजनीति में कदम रखने की अटकलें उनके ट्वीट के कारण लगीं। उन्होंने अब किसी और क्षेत्र में हाथ आजमाने की तैयारी करने का संकेत दिया था। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘1999 में क्रिकेट के साथ मेरी यात्रा की शुरुआत के बाद से 2022 तक यह 30वां वर्ष है। तब से क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसने मुझे आप सभी का समर्थन दिया है। मैं हर उस व्यक्ति को धन्यवाद देना चाहता हूं, जो मेरी यात्रा का हिस्सा रहा, मेरा समर्थन किया और आज मैं जहां हूं, वहां पहुंचने में मेरी मदद की। आज मैं कुछ ऐसा शुरू करने की योजना बना रहा हूं, जो मुझे लगता है कि शायद बहुत से लोगों की मदद करेगा। मुझे आशा है कि आप अपना समर्थन जारी रखेंगे, क्योंकि मैं अपने जीवन के इस नए अध्याय में प्रवेश करने जा रहा हूं।’
मीडिया में गांगुली का यह वाक्य पॉलिटिक्स में उनकी एंट्री के साथ जोड़कर देखा गया। दरअसल, 6 मई को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सौरव गांगुली के कोलकाता स्थित घर पर मुलाकात की। पश्चिम बंगाल की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान शाह ने गांगुली के घर पर डिनर किया, जिसके बाद से ही गांगुली के राजनीति में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं। शाह के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता, बीजेपी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी उपस्थित थे।
