कई रूट पर दोगुना हुआ न्यूतनम किराया
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को सपना दिखाया था कि चप्पल पहननेवाले भी अब हवाई जहाज में सफर कर सकेंगे। लेकिन उनका यह वादा भी 15 लाख रुपये जैसा जुमला साबित हो गया।
विमान ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत में 18 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाने से कई हवाई रूट पर न्यूनतम किराया भी दोगुना तक बढ गया है। नवंबर 2014 में एटीएफ की कीमत 62,537.93 रुपये प्रति किलोलीटर थी।
बता दें कि सरकार ने एक झटके में एटीएफ की कीमत करीब 18 हजार रुपये प्रति किलोलीटर तक बढ़ा दी है। अब तक की यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
इस साल छठी बार एटीएफ की कीमत में बढ़ोतरी की गई है। छह बार में ही देश में एटीएफ की कीमत एक लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई है। इससे देश में कई रूट्स पर हवाई किराया करीब दोगुना हो गया है।
कोविड-19 महामारी के कारण संकट से जूझ रही एयरलाइन इंडस्ट्री फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद कर रही थी। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी नियमित तौर पर शुरू होने जा रही हैं। लेकिन एटीएफ में भारी बढ़ोतरी किए जाने से विमानन कंपनियों की उम्मीदों को धूमिल कर दिया गया है। किसी भी विमानन कंपनी की परिचालन लागत में एटीएफ की करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी होती है।
