कोरोना काल के दौरान वुमन वर्कफोर्स में भारी कमी
समाचार प्रहरी, मुंबई। केंद्र सरकार भले ही 5 ट्रिलियन इकोनॉमी होने का दावा करते नहीं अघाती, हकीकत यह है कि सरकार की गलत नातियों के कारण अर्थव्यवस्था की गाड़ी बेपटरी होने लगी है। कोविड-19 महामारी के दौरान न सिर्फ पुरुष कर्मचारियों की तुलना में महिला कर्मियों की नौकरियां ज्यादा गई हैं, बल्कि नौकरी तलाश करनेवाली बेरोजगार महिलाओं की संख्या में भी काफी गिरावट आई है।
जॉब सर्च में 30 लाख की कमी
एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि नौकरी की तलाश करनेवाली बेरोजगार महिलाओं की संख्या में साल 2021 में 34 पर्सेंट तक की कमी दर्ज हुई है। महिलाओं को कोविड काल के दौरान अच्छा रोजगार नहीं मिल रहा है।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) और सेंटर फॉर इकोनॉमिक डेटा एंड एनालिसिस (सीईडीए) के रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2019 और वर्ष 2021 के बीच हर महीने काम की तलाश में सक्रिय रूप से लड़कियों की संख्या में 30 लाख की कमी आई है।
शहरी भारत में 22.1 पर्सेंट की गिरावट
सीएमआईई के आंकड़ों से पता चला है कि साल 2019 की तुलना में साल 2021 के दौरान अर्बन इंडिया में नौकरी की तलाश करनेवाली महिलाओं की संख्या में 22.1 पर्सेंट की कमी आई है। साल 2019 में जहां 9.52 मिलियन युवतियां सक्रिय रूप से हर महीने बेहतर नौकरी की तलाश में थीं, वहीं वर्ष 2021 में यह संख्या घटकर केवल 6.52 मिलियन रह गई।
