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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव: ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश, युद्ध का खतरा मंडरा रहा है

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डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है

क्षेत्र में तनाव और युद्ध का खतरा मंडरा रहा है

✍🏻 प्रहरी संवाददाता, नई दिल्ली | मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने कोई भी आक्रमक कदम उठाया, तो अमेरिका उसकी कठोर प्रतिक्रिया करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, और यदि जरूरत हुई तो अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कदम उठाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान तब आया है, जब हाल ही में इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इस हमले का जवाब देने की धमकी दी है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव ने युद्ध का खतरा पैदा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और वार्ता के रास्ते पर लौटने का आग्रह किया है।

डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ईरान को उसकी खतरनाक गतिविधियों का जवाब देना जरूरी है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। उनका कहना है, “हम अपनी सेना और रणनीति को पूरी तरह से तैयार रखेंगे। यदि ईरान ने कोई भी खतरनाक कदम उठाया, तो उसके परिणाम बहुत भयंकर होंगे।”

वहीं, इजरायल के जोरदार हमले के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई ने कहा है कि बदले की कार्यवाही जोरदार होगी। ज्यादातर देशों ने दोनों देशों संयम बरतने के लिए कहा है। कई इस्लामिक देशों ने ईरान के समर्थन में संदेश जारी किए हैं ।सऊदी अरब, पाकिस्तान जैसे देशों की प्रतिक्रिया में हमले की खुले तौर पर इजरायल की आलोचना की गई है।

सऊदी अरब के बयान में इजरायली एक्शन को ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया गया है। ऐसे ही कड़ी भाषा का इस्तेमाल इराक की ओर से किया गया है। तुर्की कतर और यूएई में सबसे ज्यादा आक्रामक रिएक्शन तुर्की की ओर से आया है। अब सवाल ये है कि ईरान आगे क्या करेगा ? और क्या हालात एक खुले और लंबे संघर्ष की ओर जा रहे हैं। जानकार ऐसा नहीं मानते।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष संवाद कायम करते हैं, तो बड़ा युद्ध टल सकता है। हालांकि, फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और इन विवादों का असर न केवल मध्य पूर्व पर, बल्कि विश्व राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है। यदि युद्ध छिड़ता है, तो इसके गंभीर परिणाम पूरे विश्व को झेलने होंगे।

 


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