✍🏻 प्रहरी संवाददाता, नई दिल्ली। कनाडा में हाल ही में संपन्न हुए आम चुनाव 2025 के नतीजों ने खालिस्तानी समर्थक ताकतों को बड़ा झटका दिया है। न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के प्रमुख जगमीत सिंह, जो खालिस्तानी एजेंडे और गुरपतवंत सिंह पन्नू के समर्थन के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते थे, इस बार बुरी तरह चुनाव हार गए। उन्होंने अपनी हार स्वीकार करते हुए संसद से इस्तीफा दे दिया है।
NDP को इस चुनाव में बेहद कम सीटें मिलीं और पार्टी अब अपना राष्ट्रीय दर्जा भी खोने की कगार पर है। कनाडा में राष्ट्रीय दल बने रहने के लिए 12 सीटों की न्यूनतम आवश्यकता होती है, लेकिन पार्टी इसमें असफल रही।
जगमीत सिंह अपनी परंपरागत सीट ब्रिटिश कोलंबिया की बर्नेबी सेंट्रल से भी हार गए, जहां उन्हें केवल 27.3% वोट मिले, जबकि लिबरल पार्टी के वेड चांग ने 40% से अधिक वोटों के साथ जीत दर्ज की। सिंह तीसरे स्थान पर रहे, जो उनके राजनीतिक करियर के लिए गंभीर झटका है।
उधर, लिबरल पार्टी को भी पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व में करारी शिकस्त मिली, लेकिन पार्टी का नया चेहरा मार्क कार्नी विजयी होकर उभरे हैं। चुनावी नतीजों से साफ है कि कनाडा की अगली सत्ता अब कार्नी के हाथों में होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने भी इस चुनाव को अप्रत्याशित रूप से प्रभावित किया। ट्रंप द्वारा कनाडा को “51वां राज्य” कहे जाने पर कनाडाई जनमानस में अस्मिता की लहर उठी, जिससे कार्नी को अप्रत्याशित जनसमर्थन मिला।
