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गर्ल्स स्टूडेंट और महिला स्टाफ का यौन शोषण!

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जयपुर के नामी कॉलेज का प्रिंसिपल सस्पेंड, हंगामे के बाद आया नया मोड

डिजिटल न्यूज डेस्क, जयपुर। राजस्थान के ब्यावर में स्कूली छात्राओं के साथ हुए दुष्कर्म कांड का मामला अभी शांत ही नहीं हुआ था कि जयपुर में कॉलेज गर्ल्स के साथ भी किया गया एक कांड सामने आ गया है। जयपुर शहर के प्रताप नगर स्थित पॉलिटेक्निक महिला कॉलेज की छात्राओं और महिला स्टाफ ने कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पिछले दिनों जब छात्राओं ने तकनीकी शिक्षा सचिव से इसकी शिकायत की, तो मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में प्रिंसिपल को दोषी माना, जिसके बाद विभाग ने उसे सस्पेंड कर दिया। अब मामले की दोबारा जांच के लिए नई कमेटी बनी है, जिसका छात्राओं और स्टाफ ने विरोध करते हुए हंगामा कर दिया।

सूत्रों के अनुसार, जयपुर के जगतपुरा स्थित पॉलिटेक्निक महिला कॉलेज के प्रिंसिपल पर वहां की छात्राओं और महिला स्टाफ ने अभद्रता करने और देह शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित छात्राओं और महिला स्टाफ ने 3 फरवरी को तकनीकी शिक्षा सचिव से शिकायत की थी। मामले की गंभीरता से जांच के लिए सचिव ने जांच कमेटी का गठन किया।

प्राइवेट पार्ट टच करने और गंदे मैसेज भेजने के आरोप

छात्राओं का आरोप है कि प्रिंसिपल ने कई छात्राओं का देह शोषण किया। कॉलेज कैंपस के बेसमेंट में लाइब्रेरी है। लाइब्रेरी में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। लाइब्रेरी के कोने में अलमारी रखी है, जिसके पीछे प्रिंसिपल एक कुर्सी लगाकर बैठता है। यह कोना सीसीटीवी की पहुंच में नहीं है। छात्राओं का कहना है कि एक-एक लड़की को प्रिंसिपल बुलाता है और अभद्र व्यवहार करते हुए प्राइवेट पार्ट को टच करता है। कॉलेज से रेस्टिकेट करने की धमकियां भी देता है। कुछ लड़कियों को पर्सनल ग्रुप में जोड़ रखा है, जहां अश्लील वाट्सएप मैसेज किए जाते हैं।

10 मार्च को कॉलेज की दर्जनों छात्राओं ने इसे लेकर हंगामा किया। छात्राओं का आरोप है कि पिछले महीने जब तकनीकी शिक्षा सचिव ने जांच कमेटी बनाई, तो उसमें प्रिंसिपल को दोषी माना था। अब दूसरी जांच कमेटी बनाकर फिर से कॉलेज भेजा गया है। छात्राओं का कहना है कि यह आरोपी प्रिंसिपल को बचाने का षड़यंत्र है। पहली कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दे दी और कार्रवाई भी हो गई। अब दूसरी कमेटी बनाने का क्या औचित्य है। बार-बार छात्राओं के बयान लेकर उन्हें लज्जित नहीं किया जाना चाहिए। प्रिंसिपल पर दुराचार का आरोप लगाते हुए करीब 20 छात्राओं ने प्रताप नगर पुलिस थाने में भी रिपोर्ट दी है।

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