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गोल्ड लोन फर्जीवाड़े के आरोपी कर्मचारियों को 10 सितंबर तक रिमांड में भेज गया

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आरोपियों के पास से 12.50 करोड़ रुपये का सोना हुआ था बरामद

डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई। एक प्राइवेट बैंक के दो कर्मचारियों को गोल्ड लोन के फर्जीवाड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उनकी रिमांड 10 सितंबर तक बढ़ा दी है। इससे पहले, क्राइम ब्रांच ने इनके पास्वसे 12.5 किलोग्राम सोना बरामद किया था। इन दोनों ने फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन से चोरी हुए 29 किलो सोने को बैंक में रखकर उस पर लोन लिया था।

अपराध शाखा की प्रॉपर्टी सेल ने इस मामले की पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वित्तीय सेवा फर्म के दो कर्मचारी शिवकुमार अय्यर, शिवाजी पाटिल के साथ ही सचिन सालुंखे को भी अरेस्ट किया गया था। इनमें से एक सर्राफा व्यापारी है।

पूछताछ के बाद पुलिस ने निजी बैंक के दो सेल्स मैनेजर राहुल शेंगाणे और नरेंद्र चव्हाण को गिरफ्तार किया। इन्होंने बैंक में सोना गिरवी रखकर सालुंखे को लोन दिलाने में मदद की थी।

पुलिस उपायुक्त दत्ता नलवाडे ने कहा कि अप्रैल 2024 में वित्तीय ऑडिट के दौरान धोखाधड़ी का पता चला। ग्राहकों का 29 किलो के लगभग सोने के आभूषणों से भरा 260 पैकेट बैंक लॉकर से गायब होने की बात सामने आई थी।

जांच के दौरान यह पाया गया कि अय्यर और पाटिल के पास लॉकर को संभालने की जिम्मेदारी थी। लॉकर की चाबियां भी उनके पास ही रहती थी। जनवरी और अप्रैल के बीच गुप्त रूप से लॉकर से सोने के पैकेट निकालने के आरोप हैं।

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