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महाराष्ट्र में सबसे बड़ी कर्जमाफी का ऐलान: 56 लाख किसानों को ₹2 लाख तक राहत

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5 साल में 23 हजार से ज्यादा कृषि मौतों के बीच सरकार का बड़ा फैसला

✍️ प्रहरी संवाददाता, मुंबई |महाराष्ट्र में गहराते कृषि संकट, किसानों पर बढ़ते कर्ज के बोझ और लगातार सामने आ रही आत्महत्याओं के बीच राज्य सरकार ने बड़ी कर्जमाफी योजना का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ को मंजूरी दे दी गई, जिसके तहत पात्र किसानों का ₹2 लाख तक का अल्पकालिक फसल ऋण पूरी तरह माफ किया जाएगा। सरकार इसे किसानों को राहत देने वाला ऐतिहासिक कदम बता रही है, लेकिन इतनी बड़ी कर्जमाफी के वित्तीय असर और इसके वास्तविक लाभ को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस फैसले से राज्य के करीब 56 लाख किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है, जबकि 65 लाख से अधिक बैंक खाते योजना के दायरे में आएंगे। अनुमान है कि इस पूरी योजना से सरकारी खजाने पर ₹36,585 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। महाराष्ट्र पहले भी कई बड़े कर्जमाफी कार्यक्रम लागू कर चुका है, जिनके कारण राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा था।

कृषि संकट की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 से 2024 के बीच महाराष्ट्र में 23,621 से अधिक लोगों ने कृषि संकट और आर्थिक तंगी के बीच अपनी जान गंवाई। विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखा, फसलों के गिरते दाम, खेती की बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बैंकों के दबाव ने किसानों की हालत लगातार खराब की है। किसान संगठन लंबे समय से व्यापक कर्जमाफी, ब्याज राहत और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी जैसी मांगें उठाते रहे हैं।

योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए अल्पकालिक फसल ऋण शामिल होंगे, जो 30 सितंबर 2025 तक ओवरड्यू हो चुके थे और 31 मार्च 2026 तक चुकाए नहीं गए। इस बार सरकार ने जमीन की सीमा से जुड़ी शर्त समाप्त कर दी है, जिससे अधिक संख्या में छोटे और मध्यम किसान योजना के दायरे में आ सकेंगे।

जिन किसानों का कुल बकाया ₹2 लाख या उससे कम है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। वहीं ₹2 लाख से अधिक कर्ज वाले किसानों को अतिरिक्त राशि पहले स्वयं जमा करनी होगी। इसके बाद सरकार ‘वन-टाइम सेटलमेंट’ के तहत ₹2 लाख तक का ऋण माफ करेगी। इसके लिए किसानों को 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।

सरकार ने नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए भी प्रोत्साहन योजना घोषित की है। पिछले तीन वर्षों में से कम से कम दो वर्षों तक समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को ₹50,000 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हालांकि आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, राजनीतिक पदों पर बैठे लोग और उच्च आय वर्ग के सहकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।

इस बार योजना का दायरा केवल सहकारी बैंकों तक सीमित नहीं रखा गया है। राष्ट्रीयकृत बैंक, निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों से लिए गए कृषि ऋण भी इसमें शामिल किए गए हैं। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बायोमेट्रिक सत्यापन और एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म पर डिजिटल पंजीकरण कराना होगा, जिसके लिए सरकार अलग पोर्टल तैयार कर रही है।


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