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हरियाणा के नए सीएम नायब सैनी को छह महीने में ही देना पड़ेगा इस्तीफा!

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सियासी उठापटक के बीच हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री ने दिया इस्तीफा

डिजिटल न्यूज डेस्क, चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले और सियासी उठापटक के बीच हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनकी पूरी कैबिनेट ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया। दुष्‍यंत चौटाला के नेतृत्‍व वाली जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के साथ विभाजन की अटकलों के बीच मनोहर लाल के सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद नए सीएम नायब सैनी ने शपथ तो ले ली है, लेकिन छह महीने से ज्यादा वह अपने पद पर नहीं रह सकते।

संविधान के अनुच्छेद 164(4) में स्पष्ट उल्लेख है कि कोई मंत्री या मुख्यमंत्री, जो निरंतर 6 माह की किसी अवधि तक राज्य के विधान-मंडल का सदस्य नहीं है, उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा। 3 नवंबर 2023 को मौजूदा 14वीं हरियाणा विधानसभा के कार्यकाल के चार साल पूरे हो गए थे। 4 नवंबर 2019 को प्रदेश की विधानसभा का पहला अधिवेशन (सत्र) बुलाया गया था।

ऐसे में हरियाणा के नए मुख्यमंत्री सैनी विधानसभा के सदस्य यानी विधायक नहीं हैं। इसके चलते वह 11 सितंबर 2024 तक ही सीएम की कुर्सी पर बैठ सकते हैं, जबकि 14वीं हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल इस वर्ष 3 नवंबर 2024 तक है। हालांकि विधानसभा को समय से पहले भी भंग किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री पद से हटाने का फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि करीब एक हफ्ते पहले ही निर्णय हो चुका था। बीजेपी के पास जो सर्वे मौजूद था, उसमें यह बताया गया था कि बीजेपी अगर मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में लोकसभा या विधानसभा चुनाव में जाती है तो वहां पर जाट वोटों का ध्रुवीकरण हो सकता है और वो बीजेपी के खिलाफ जा सकता है। इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच सर्वे रिपोर्ट का भी जिक्र हुआ था।

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