छत्रपति संभाजी महाराज मुंबई तटीय सड़क परियोजना के एक हिस्से का वर्ली से मरीन ड्राइव साउथ चैनल शुरू
डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र सरकार मुंबई के लोगों को देश की पहली कोस्टल रोड की सौगात दे दी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को मुंबई में कोस्टल रोड के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस रूट के कारण वर्ली से मरीन ड्राइव तक का सफर महज 9 से 10 मिनट में ही तय किया जा सकेगा। इस कॉरिडोर की लागत करीब 14,000 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2018 में शुरू हुआ था।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वर्ली को मरीन ड्राइव से जोड़ने वाले समुद्री कॉरिडोर का उद्घाटन कर दिया है। दरअसल, इस कॉरिडोर के पहले फेज के तहत दक्षिण की तरफ जाने वाली सड़क को यातायात के लिए खोला गया है। यह कोस्टल रोड कॉरिडोर दहिसर से मरीन ड्राइव तक ‘धर्मवीर संभाजी महाराज कोस्टल रोड प्रोजेक्ट’ का हिस्सा है।
टनल रोड है खासियत
लगभग 10.5 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 2.7 किलोमीटर की टनल रोड बनाई गई है, जो भारत की पहली अंडर-सी रोड भी है। इस 2.7 किलोमीटर की टनल में करीब 900 मीटर का हिस्सा समुद्र के नीचे है, जबकि 1 किलोमीटर का हिस्सा मालाबार हिल के नीचे और बाकी जिमखाना की जमीन के नीचे बनाया गया है। पहले फेज का काम बीएमसी ने किया है। इसमें तीन इंटरचेंज हैं- एमर्सन गार्डन, हाजी अली और वर्ली।
उद्घाटन भाषण में सीएम शिंदे ने बताया कि री-क्लेम्ड लैंड पर एक सेंट्रल पार्क, रेस कोर्स, चिल्ड्रंस पार्क जैसी जनसुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। करीब 320 एकड़ जमीन पर इन्हें बनाया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में सीएम शिंदे के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार भी मौजूद रहे।
कितनी है स्पीड लिमिट?
कॉरिडोर में अधिकतम स्पीड लिमिट 80 किलोमीटर/घंटा रखी गई है, वहीं टनल वाले हिस्से में ये सीमा 60 किलोमीटर/घंटा है। एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर 40 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से वाहन नहीं चलाए जा सकते। निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं।
