ताज़ा खबर
Politicsताज़ा खबरराज्य

विपक्ष के हंगामे के बीच सरकार ने कसीनो और चिटफंट महाराष्ट्र संशोधन समेत 5 विधेयक पेश किए

Share

नागपुर विधानसभा में फल-सब्जी की माला पहनकर पहुंचे विपक्षी

डिजिटल न्यूज डेस्क, नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र गुरुवार से नागपुर में शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन गृह मंत्री और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में महाराष्ट्र कसीनो (नियंत्रण एवं टैक्स) विधेयक पेश किया। वहीं, राज्य के वित मंत्री अजित पवार ने विधानसभा में चिटफंट महाराष्ट्र संशोधन विधेयक पेश किया।

विपक्ष ने फल-सब्जियों की माला पहनकर किया प्रदर्शन
सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा में विपक्ष के नेताओं ने किसानों और मराठा आरक्षण समेत कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कई नेता फलों-सब्जियों की माला पहने हुए नजर आए।

यह भी पढ़ें:  https://samacharprahari.com/news/category/10795/

विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार कृषि संकट, दंगों और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने में विफल रही है। हालांकि मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया।

14 दिन के सत्र में 10 दिन ही होगा कामकाज

कहने को तो विधानसभा का यह शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा, लेकिन छुट्टियों को हटा दिया जाए तो वास्तविक कामकाज सिर्फ 10 दिन का ही होगा। उसमें भी अगर किसी दिन विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया, तो सदन की कार्यवाही को उस दिन बर्खास्त भी किया जा सकता है।

सत्र के लिए 10 दिन का समय बहुत कम:

विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने बताया कि विपक्ष ने सरकार से मांग की थी कि इस सत्र को तीन सप्ताह के लिए आयोजित किया जाए, लेकिन केवल दस दिन तक का ही कामकाज रखा है। इन दस दिनों में किसी भी समस्या का हल नहीं निकलेगा। महाराष्ट्र के सामने कई गंभीर मुद्दे हैं, जिस पर चर्चा करने के लिए 10 दिन का समय बहुत ही कम है।

Share

Related posts

एआई टेक्नोलॉजी से लैस हथियारों से डरी दुनिया!

samacharprahari

2015 से पांच साल में 2,264 बार चीनी घुसपैठ

samacharprahari

यूपी में ‘शांति’ का तमाशा: बसपा नेता की दिनदहाड़े हत्या, पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं

samacharprahari

Govt hikes excise duty on petrol and diesel by Rs 3 per litre

Admin

सीएए विरोध प्रदर्शन पर सहयोगी न्यायाधीश की टिप्पणी से उच्च न्यायालय के न्यायाधीश असहमत

samacharprahari

गोयल के खिलाफ बंद होगा मामला!

samacharprahari