सपनों की नगरी में बलात्कार के मामलों में 130 प्रतिशत की वृद्धि
प्रहरी संवाददाता, मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी महिला सुरक्षा को लेकर सबसे सेफ मानी जाती थी। मुंबई पुलिस की तुलना स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस से होती थी, लेकिन प्रजा फाउंडेशन की एक रिपोर्ट से इसकी साख पर बट्टा लगा है। मुंबई के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज बलात्कार के मामलों में 130 फीसदी का इजाफा होने की बात कही गई है। यह आंकड़े साल 2013 से साल 2022 तक के हैं।
प्रजा फाउंडेशन की एक रिपोर्ट जारी हुई है, उसके मुताबिक, मुंबई शहर और उपनगरों में वर्ष 2013 में रेप के 391 मामले दर्ज थे, वह पिछले साल तक यानी वर्ष 2022 तक बढ़कर 901 हो गए। यानी पिछले 10 वर्षों में रेप की घटनाओं में 130 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पॉक्सो के मामले में भी 63 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रजा का दावा है कि वर्ष 2022 के दौरान पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों में 73 प्रतिशत केस जांच के लिए प्रलंबित हैं।
बता दें कि साइबर क्राइम समेत अन्य आपराधिक घटनाएं भी मुंबई में तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि मुंबई पुलिस भी एहतियाती कदम उठा रही है। निर्भया पेट्रोलिंग दस्ता, सभी पुलिस स्टेशनों में साइबर सेल का गठन, महिला और बुजुर्गों के लिए हेल्प लाइन नंबर, क्यूआर कोड स्कैनिंग सिस्टम और सोशल मीडिया के जरिए शिकायतों का पंजीकरण एवं सभी पुलिस स्टेशनों में तकरार निवारण अभियान चलाया जा रहा है।
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रिपोर्ट से पता चला है कि मुंबई के पांच रीजन में सबसे अधिक वेस्ट रीजन में केस दर्ज हुए हैं। साल 2022 में वेस्ट रीजन पुलिस की हद में 18 हजार 999 आपराधिक केस दर्ज किए गए थे, जबकि नॉर्थ रीजन में 15 हजार 684 केस और सेंट्रल रीजन में 14 हजार 289 मामले सामने आए थे। इस दौरान छेड़छाड़ करने के मामलों में 133 फीसदी और रेप के मामलों में 144 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जो मुंबई पुलिस की साख को देखते हुए चिंताजनक बात है।
