दो दशक बाद गांधी परिवार से नहीं होगा कांग्रेस का अध्यक्ष
नई दिल्ली। लगभग दो दशक से अधिक समय के बाद अब कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिलेगा। बाकायदा चुनावी मुकाबले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चेहरा तय होगा।
कांग्रेस के 9800 प्रदेश कांग्रेस कमिटी (पीपीसी) डेलिगेट्स मिलकर तय करेंगे कि पार्टी की कमान किसके हाथ में दी जाए। वोटों की गिनती 19 अक्टूबर को होगी और उसी दिन नतीजे भी आ जाएंगे।
22 साल बाद होने जा रहे इस चुनावी मुकाबले में जहां एक ओर राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मल्लिकार्जुन खरगे मैदान में हैं, तो वहीं दूसरी ओर लोकसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री शशि थरूर भी अध्यक्ष बनने की चाहत रखते हैं। लगभग दो दशक बाद कांग्रेस की कमान किसी गैर-गांधी के हाथ होगी।
कांग्रेस के पीसीसी डेलिगेट्स हर राज्य की राजधानी में स्थित प्रदेश कांग्रेस कमिटी कार्यालय, दिल्ली स्थित कांग्रेस हेडक्वार्टर और भारत जोड़ो यात्रा के कैंप साइट पर बनाए गए पोलिंग बूथ पर अपना वोट डाल सकेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह कांग्रेस ऑफिस में वोट डालेंगे।
भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी समेत 40 डेलीगेट्स भी कर्नाटक के बेल्लारी में कैंप साइट पर वोट डालेंगे। वोटिंग का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। देशभर में 40 पोलिंग स्टेशन और 68 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। कांग्रेस में गुप्त मतदान होगा। वोटर को पीसीसी डेलिगेट का अपना परिचयपत्र दिखाकर वोट डालने की इजाजत होगी।
