हम ज्यादा आयात करते हैं, इसलिए बढ़ा व्यापार घाटा
वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की सालाना बैठकों में शामिल होने के बाद भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कमजोरी भारतीय रुपये में नहीं आई, बल्कि डॉलर में मजबूती आई है। उन्होंने डॉलर के मुकाबले इस साल रुपये में आई आठ फीसदी की गिरावट को ज्यादा तवज्जो नहीं दी।
सीतारमण ने शनिवार को कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है और डॉलर की मजबूती के बावजूद रुपये में स्थिरता बनी हुई है। दुनिया के दूसरे हिस्सों की तुलना में भारत में महंगाई कम है और मौजूदा स्तर पर उससे निपटा जा सकता है। हम चाहते हैं कि महंगाई 6 फीसदी से नीचे आ जाए, इसके लिए सरकार भी कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘मजबूत हो रहे डॉलर के सामने दूसरी करेंसी का प्रदर्शन भी खराब रहा है, लेकिन मेरा खयाल है कि अन्य उभरते बाजारों की करेंसियों की तुलना में भारतीय रुपया ने बेहतर प्रदर्शन किया है। भारत की इकॉनमी की बुनियाद अच्छी है, आर्थिक बुनियाद भी अच्छी है। विदेशी मुद्रा भंडार अच्छा है।’
वित्त मंत्री ने बढ़ते व्यापार घाटे के मुद्दे पर कहा, ‘इसका मतलब है कि हम निर्यात की तुलना में ज्यादा आयात कर रहे हैं।’
