डिजिटल न्यूज डेस्क, मुंबई। कॉन्फ़डरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से बताया गया कि आगामी 22 जनवरी को अयोध्या धाम में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार का सृजन होगा। देश में इस अतिरिक्त व्यापार की मांग को पूरा करने के लिए सभी राज्यों में व्यापारियों ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि इससे यह सिद्ध होता है कि सनातन अर्थव्यवस्था की जड़ें भारत में बहुत गहरी हैं। महाराष्ट्र प्रदेश के महामंत्री शंकर ठक्कर ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर देश भर में राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर अभियान तेज किया गया है। देश भर में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, उसने देश के सभी राज्यों में व्यापार के बड़े अवसर के द्वार खोल दिए हैं। इस से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी जनवरी के महीने में ही 50 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होगा।
कैट महाराष्ट्र प्रदेश के वरिष्ठ अध्यक्ष महेश बखाई ने बताया कि देश के सभी बाज़ारों में बड़ी मात्रा में राम ध्वजा, राम अंग्वस्त्र सहित राम के चित्र से अंकित मालाएं, लॉकेट, चाबी के छल्ले, राम दरबार के चित्र, राम मंदिर के मॉडल के चित्र, सजावटी लटकनें, कड़े सहित अनेक प्रकार का सामान उपलब्ध है। विशेष रूप से राम मंदिर के मॉडल की मांग बहुत अधिक है, जो हार्डबोर्ड, पाइनवुड, लकड़ी में विभिन्न साइज़ों में बनाए जा रहे हैं।
