36 नए चेहरे शामिल, यूपी से 7 और गुजरात से 3 लोगों को मिला मौका, 7 को प्रमोशन
प्रहरी संदावदाता, मुंबई। भारत के इतिहास में पहली बार सबसे बड़ा कैबिनेट विस्तार किया गया। बुधवार शाम को मंत्रिमंडल के 43 मंत्रियों ने शपथ ली। शपथ ग्रहण में 36 नए मंत्रियों ने शपथ ली। नए मंत्रियों में सबसे ज्यादा 7 उत्तर प्रदेश और 3 मंत्री गुजरात से हैं। दोनों ही राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। मौजूदा मंत्रियों में से 7 को प्रमोट किया गया है। इस दौरान 12 मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दे दिया।
इन्हें मिला प्रमोशन
नए मंत्रिमंडल में अनुराग ठाकुर, जीके रेड्डी, मनसुख मंडाविया, किरण रिजिजू, आरके सिंह, हरदीप सिंह पुरी और पुरुषोत्तम रूपाला को प्रमोशन मिला है। ये सभी 7 राज्य मंत्री थे। अब इन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।
दो राज्यों में हैं चुनाव
जल्द ही उत्तर प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। नए मंत्रिमंडल में शामिल 36 नए मंत्रियों में से उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 7 मंत्रियों को स्थान मिला है, तो वहीं गुजरात से 3 लोगों को मौका दिया गया। उत्तर प्रदेश से अनुप्रिया पटेल, पंकज चौधरी, भानुप्रताप सिंह वर्मा, सत्यपाल सिंह बघेल, कौशल किशोर, बीएल वर्मा और अजय कुमार को मंत्री बनाया गया है, जबकि गुजरात से दर्शना विक्रम जरदोश, देवसिंह चौहान और महेंद्र भाई मुंजापारा को जगह दी गई है।
महाराष्ट्र-कर्नाटक पर भी फोकस
महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक से 4-4 मंत्रियों को जगह दी गई है। कर्नाटक से राजीव चंद्रशेखर, शोभा करंदलाजे, ए. नारायण स्वामी और भगवंत खुबा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। महाराष्ट्र से नाराज चल रहे शिवसेना से भाजपा में आए नारायण राणे को मंत्री बनाया गया है, जबकि कपिल पाटिल, भगवंत कृष्ण राव कराड़ और भारती प्रवीण पवार को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इसी तरह, पश्चिम बंगाल से सुभाष सरकार, शांतनु ठाकुर, जॉन बारला और निशीथ प्रामाणिक ने शपथ ली।
मध्यप्रदेश, बिहार और ओडिशा से 2-2 मंत्रियों को जगह दी गई है। बिहार से पशुपति कुमार पारस और आरसीपी सिंह को मंत्री बनाया गया है। मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीरेंद्र कुमार को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। ओडिशा से अश्विनी वैष्णव और विश्वेश्वर टुडू ने शपथ ली है। रोचक बात यह है कि सिंधिया को लगभग डेढ़ लाख वोटों से हराने वाले भाजपा के नेता के.पी. सिंह यादव की उपेक्षा की गई। उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया।
असम से सर्बानंद सोनोवाल, राजस्थान से भूपेंद्र यादव, दिल्ली से मीनाक्षी लेखी, झारखंड से अन्नपूर्णा देवी, उत्तराखंड से अजय भट्ट, मणिपुर से राजकुमार रंजन सिंह, त्रिपुरा से प्रतिमा भौमिक और तमिलनाडु से एल. मुरुगन मंत्री बने हैं।
12 दिग्गजों का पत्ता कटा
एक ओर केंद्र सरकार में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, तो वहीं दूसरी ओर कई दिग्गजों का पत्ता भी कटा। कई मंत्रियों को इस्तीफा देने को कहा गया। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद (बिहार), सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (महाराष्ट्र), सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत (मध्य प्रदेश), शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (उत्तराखंड), स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (दिल्ली), केमिकल फर्टिलाइजर मिनिस्टर सदानंद गौड़ा (कर्नाटक), श्रम और रोजगार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार (उत्तर प्रदेश), पर्यावरण और वन राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो (प. बंगाल), केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे (महाराष्ट्र), जल शक्ति और सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रत्तन लाल कटारिया (हरियाणा), पशुपालन राज्य मंत्री प्रताप चंद सारंगी (ओडिशा) और महिला एवं बाल कल्याण राज्य मंत्री देबोश्री चौधरी (बंगाल) को इस्तीफा देना पड़ा।
