राष्ट्रीय महिला आयोग के आंकड़े से खुलासा
2020 के मुकाबले 30% बढ़ीं शिकायतें
लखनऊ। एनसीआरबी के आंकड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के दावों की पोल खोलने के लिए काफी हैं। साल 2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक, देशभर से लगभग 31 हजार शिकायतें मिलीं, जिसमें 15 हजार से ज्यादा मामले यूपी से मिले हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से कहा गया है कि साल 2020 के मुकाबले साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतें 30% बढ़ी है।महिलाओं की सबसे ज्यादा शिकायतें सम्मान के साथ रहने नहीं दिये जाने को लेकर की है। इस दौरान उनका मानसिक शोषण बहुत किया गया। इसके अलावा घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न की शिकायतों के मामले भी दर्ज किया गया।
देशभर में सबसे ज्यादा यूपी की महिलाओं ने शोषण की शिकायतें दर्ज कीं। यह कुल आंकड़ों में से आधे से ज्यादा हैं।पिछले साल 1819 शिकायतें छेड़छाड़ से संबंधित थीं, जबकि1675 शिकायतें बलात्कार या इसकी कोशिश, 1537 शिकायतें पुलिस की उदासीनता और 858 शिकायतें साइबर क्राइम की दर्ज हुई हैं।
भाजपा सरकार में महिला अपराध में यूपी नंबर वन
छेड़छाड़ व अन्य मामले
2017 में 56,011
2018 में 59,445
2019 में 59,8532017 में कुल 4,246 बलात्कार के मामले दर्ज।
1,560 मामलों में पीड़िता नाबालिग।
हर रोज 153 मामले दर्ज हुए।2018 में महिलाओं के खिलाफ 162 मामले हर रोज दर्ज हुए।
1,411 नाबालिगों के साथ अपराध।
4, 322 पीड़ितों के साथ छेड़छाड़।
3, 946 बलात्कार के मामले दर्ज।
पॉक्सो के तहत 5,401 मामले दर्ज।
(नोटः 2020 के आंकड़े एनसीआरबी के।)
