- कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल में 14 बच्चों को संक्रमित ब्लड चढ़ाने का मामला
- खुलासा करने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा पत्र
डिजिटल न्यूज डेस्क, कानपुर। लाला लाजपत राय अस्पताल के बाल रोग विभाग में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पर सक्रमित खून चढ़ाए जाने से थैलिसीमिया के 14 मरीजों को एचआईवी, हेपेटाइटिस बी, सी समेत कई जानलेवा संक्रमण हुए हैं। इस मामले में सरकारी अस्पताल को दोषी ठहराया जा रहा है। वहीं, अस्पताल की ओर से कहा गया है कि ये आंकडे़ पिछले 10 साल के हैं।
जांच में सामने आया है कि 14 थैलिसीमिया मरीजों में 4 बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें अलग-अलग इन्फेक्शन पाए गए हैं। लाला लाजपत राय अस्पताल के बाल रोग विभाग ने जब 180 रोगियों की स्क्रीनिंग की, तो इन 14 मरीजों की पहचान हुई।
बाल रोग विभाग के अध्यक्ष का कहना है कि अभी यह भी साफ नहीं है कि इन संक्रमित बच्चों को सरकारी अस्पताल से खून चढ़ा है या निजी अस्पताल से।
बता दें कि थैलिसीमिया से पीड़ित मरीजों को हर 3 से 4 हफ्ते के बीच ब्लड चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। इस तरह साल में 16 से 24 बार खून चढ़वाना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे मरीजों की स्क्रीनिंग हर 3 से 4 महीने के बीच में की जाती है।
