मुंबई। महंगा क्रूड, मंदी का डर और डॉलर की मजबूती से भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। पांच साल पहले यानी 13 अगस्त 2018 को रुपया डॉलर के मुकाबले 69.62 के स्तर पर था, जो आज 79.45 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्भातर पर पहुंच गया है।
केंद्र की भाजपा सरकार और आरबीआई की तमाम कोशिशों के बावजूद डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार फिसल रहा है। सोमवार को अमेरिकी मुद्रा की तुलना में भारतीय रुपया 19 पैसे टूटकर 79.45 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ। यह रुपया के लिए अबतक का सबसे निचला स्तर है।
कारोबारियों के अनुसार, साल 2022 की तीसरी तिमाही तक डॉलर के मुकाबले रुपया 82 के स्तर तक पहुंच जाएगा। इस साल 21 फरवरी 2022 को रुपया 74.49 प्रति डॉलर के स्तर पर था। पिछले पांच महीने में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 5.1 रुपया और चार साल में लगभग 10 रुपया तक कमजोर हुआ है।
गिरते रुपये को लेकर कभी कांग्रेसी सरकार को कोसने वाले भाजपा के नेता खामोश हैं। भाजपानीत केंद्र सरकार दावा करती है कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है, लेकिन गिरता रुपया उनकी पोल खोल दे रहा है। पिछले पांच साल में ही भारतीय करेंसी की वैल्यू 10 रुपये घट चुकी है।
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ऐसे कमजोर हो रहा है रुपया
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11 जुलाई 2022 79.59
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23 जून 2022 78.32
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16 जून 2022 77.94
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18 सितंबर 2019 71.23
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13 अगस्त 2018 69.62
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