मुंबई। पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव का मानना है कि देश के क्रिकेटर राष्ट्रीय टीम से अधिक आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा टी-20 विश्व कप के दौरान की गई गलतियों से बचने के लिए बेहतर कार्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की है।
कपिल ने कहा कि प्रत्येक को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साल 2012 के बाद यह पहला अवसर है, जबकि भारत किसी आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाया। भारत सुपर 12 में पहले दो मैच गंवाने के कारण बाहर हो गया। न्यूजीलैंड ने रविवार को अफगानिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जिससे भारत बाहर हो गया।
बता दें कि आईपीएल का आयोजन टी-20 विश्व कप से ठीक पहले किया गया था। कोविड-19 महामारी के कारण बीसीसीआई ने इतना व्यस्त कार्यक्रम तैयार किया। इसकी आलोचना करते हुए पूर्व कप्तान कपिल ने कहा, ‘जब खिलाड़ी देश के लिए खेलने से ज्यादा आईपीएल को प्राथमिकता देते हैं, तो हम क्या कह सकते हैं? खिलाड़ियों को अपने देश के लिए खेलने पर गर्व होना चाहिए। मुझे उनकी वित्तीय स्थिति का पता नहीं है, इसलिए मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।’
कपिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि पहले राष्ट्रीय टीम और फिर फ्रेंचाइजी होनी चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि वहां (आईपीएल) क्रिकेट न खेलें, लेकिन बेहतर योजना तैयार करने की जिम्मेदारी अब बीसीसीआई पर है।’
