ताज़ा खबर
OtherPoliticsTop 10ताज़ा खबरदुनियाभारतराज्य

कई देशों की जेलों में बंद हैं 7 हजार से अधिक भारतीय

Share

मुंबई। केंद्र सरकार ने दुनिया के तमाम देशों में विभिन्न अपराधों में बंद भारतीयों की संख्या की जानकारी राज्यसभा में दी है। विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने एक अतारांकित सवाल के जवाब में बताया कि विदेशों की जेल में कुल 7,139 भारतीय बंद हैं। इन लोगों को कानूनी से लेकर अन्य तरह की सहायता दूतावासों के माध्यम से सरकार उपलब्ध करा रही है। सऊदी अरब की जेलों में 1,599 भारतीय सजा काट रहे हैं, जबकि नेपाल में 886 भारतिय कैदियों को रखा गया है।
दरअसल, भाजपा के राजस्थान से राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पाकिस्तान, खाड़ी देशों सहित विभिन्न देशों की जेलों में बंद भारतीयों के बारे में जानकारी मांगी थी। यह भी पूछा था कि कैदियों को सरकार की तरफ से किस तरह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है?
मुरलीधरन ने बताया कि 31 दिसंबर 2020 तक की स्थिति के अनुसार, विदेशी जेलों में भारतीय कैदियों की संख्या 7,139 है। इनमें सर्वाधिक 1,599 भारतीय सऊदी अरब की जेलों में बंद हैं। इसी तरह, अमेरिका में 265, संयुक्त अरब अमीरात में 898, कतर में 411, नेपाल में 886, कुवैत में 536, इटली में 221 लोग बंद हैं। पाकिस्तान की जेलों में भी 62 भारतीय बंद हैं।
विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि कई देशों में मजबूत प्राइवेसी नियमों के कारण कैदियों के संबंध में तब तक कोई जानकारी नहीं दी जाती, जब तक संबंधित व्यक्ति सहमति नहीं देता। मंत्री ने बताया कि विदेश स्थित भारतीय मिशन सतर्क रहते हैं और स्थानीय कानूनों के उल्लंघन के कारण विदेशी जेलों में बंद भारतीयों की निगरानी करते हैं। उन्हें कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। विदेशों में स्थित भारतीय मिशन और केंद्र वकीलों का एक स्थानीय पैनल भी रखते हैं। इसके अलावा सरकार भारतीय कैदियों की सजा माफी कम कराने की भी कोशिश की जाती है।


Share

Related posts

रूस की शक्तिशाली परमाणु पनडुब्बी गायब, नाटो देशों ने जारी किया अलर्ट

Amit Kumar

एल्गार परिषद मामला: आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

samacharprahari

भारत की सीमा पर चीन कर रहा ऑक्सीजन की टैंकों की तैनाती

Prem Chand

अनंतनाग में सुरक्षाबलों ने जैश के 2 आतंकवादियों को मार गिराया

Prem Chand

पिछले सात वर्षों में मुंबई में 3945 इमारतें गिरी, 300 लोगों की मौत और 1146 घायल

Prem Chand

इस बार भी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को मान्यता नहीं मिली

samacharprahari