✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, मुंबई / नई दिल्ली | भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने दोनों कीमती धातुओं को अब तक के सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंचा दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों के बीच हलचल बढ़ गई है।
बाजार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 7,300 रुपये यानी लगभग 4.6 प्रतिशत का भारी उछाल देखा गया। इस बढ़त के साथ सोना 1,66,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्च स्तर पर जा पहुंचा। गौरतलब है कि शुक्रवार को पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,58,700 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि सोमवार को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में बाजार बंद थे।
सोने से भी अधिक चमक चांदी में देखने को मिली, जिसने एक बार फिर रिटर्न के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया। चांदी की कीमतों में 40,500 रुपये प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई, जो करीब 12.3 प्रतिशत की छलांग है। इस बड़ी तेजी के बाद चांदी 3,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग और निवेश के प्रति आकर्षण ने चांदी की कीमतों को इस ऊंचाई तक धकेला है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज और अन्य बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा व्यापारिक शुल्कों की धमकियों और कमजोर डॉलर ने सर्राफा बाजार को मजबूत सहारा दिया है। वैश्विक स्तर पर भी चांदी पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई है, जबकि सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक जोखिम और भू-राजनीतिक अस्थिरता बनी रहेगी, तब तक कीमती धातुओं के दाम में तेजी का यह रुख सकारात्मक रहने की उम्मीद है।
