सेंसेक्स 1,547 अंक लुढ़का, 9.4–10 लाख करोड़ तक गिरा मार्केट कैप
✍🏻 डिजिटल न्यूज़ डेस्क, मुंबई | केंद्रीय बजट में वायदा सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने के प्रस्ताव ने शेयर बाजार में भूचाल ला दिया। रविवार को घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली के चलते बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 10 लाख करोड़ रुपये घट गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। इस दबाव में सेंसेक्स 1,547 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी करीब 500 अंक टूटकर बंद हुआ।
केंद्रीय बजट में वायदा सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने के प्रस्ताव ने शेयर बाजार की चाल बिगाड़ दी। रविवार को घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही वायदा कारोबार पर एसटीटी की दर 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने की घोषणा की, इसके तुरंत बाद निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ गई।
विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले से डेरिवेटिव कारोबार की लागत बढ़ेगी और बाजार की तरलता प्रभावित हो सकती है, जिससे निवेशकों ने जोखिम लेने से कदम पीछे खींच लिए।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती बढ़त गंवाकर कारोबार के दौरान 2,370 अंक तक टूट गया और 80,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 79,899.42 अंक तक पहुंच गया। अंत में कुछ सुधार के साथ सेंसेक्स 1,546.84 अंक यानी 1.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,722.94 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी भारी दबाव में रहा और 495.20 अंक यानी 1.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,825.45 अंक पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में एक समय यह 748.90 अंक तक टूटकर 24,571.75 के निचले स्तर पर आ गया।
बजट में वायदा सौदों पर एसटीटी (F&O) बढ़ाने की घोषणा के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट के दौरान BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 9.4–10 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया। यानी एक ही दिन में कंपनियों के शेयरों का संयुक्त बाजार मूल्य इतनी बड़ी राशि तक कम हो गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वायदा एवं विकल्प (एफ एंड ओ) खंड पर एसटीटी में की गई बढ़ोतरी निवेशकों के लिए नकारात्मक संकेत है। इस कदम से कुल लेनदेन लागत बढ़ेगी, जिससे विदेशी और घरेलू निवेशकों की भागीदारी पर असर पड़ सकता है।
सेंसेक्स की कंपनियों में भारतीय स्टेट बैंक और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटीसी, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी कमजोर रहे। हालांकि, टीसीएस, इन्फोसिस, सन फार्मा और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
विश्लेषकों ने चेताया कि एसटीटी बढ़ोतरी का असर अल्पकाल में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है और बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
