पुणे, 4 अप्रैल 2022 । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर जाति की राजनीति करने के राज ठाकरे के आरोप को खारिज करते हुए पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि मनसे अध्यक्ष किसी भी मुद्दे पर कभी एक राय नहीं रखते हैं और साल में तीन से चार महीने ‘निद्रा अवस्था’ में रहते हैं, जो उनकी खासियत है। मुंबई में शिवाजी पार्क में एक रैली में राज ठाकरे ने शरद पवार की आलोचना करते हुए उन पर समय-समय पर जातिगत कार्ड खेलने और समाज को बांटने का आरोप लगाया था।
पवार ने कोल्हापुर में कहा, ‘एनसीपी ने सभी जातियों के लोगों को एकजुट किया है। राज ठाकरे को टिप्पणी करने से पहले एनसीपी का इतिहास पढ़ना चाहिए।’ महाराष्ट्र नव निर्माण सेना प्रमुख के भाषण पर एक सवाल के जवाब में पवार ने तंज कसते हुए कहा, ‘राज ठाकरे तीन से चार महीने सोए रहते हैं और अचानक भाषण देने के लिए जाग जाते हैं। यह उनकी खासियत है। मुझे नहीं पता कि वह इतने महीनों तक क्या करते हैं।’
पवार ने कहा कि मनसे प्रमुख कई बातें कहते हैं लेकिन उन पर टिके नहीं रहते। वह एनसीपी और जाति की राजनीति के बारे में बात करते हैं। असलियत यह है कि छगन भुजबल और मधुकरराव पिचड समेत अन्य नेताओं ने सदन में एनसीपी के नेता के तौर पर काम किया है। हर कोई जानता है कि वे किस जाति से आते हैं।
